एमएमडीआर संशोधन विधेयक के खिलाफ झामुमो ने गोविंदपुर में किया प्रदर्शन
डीजे न्यूज, धनबाद: केंद्र सरकार के एमएमडीआर (MMDR) संशोधन विधेयक के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) गोविंदपुर प्रखंड समिति के नेतृत्व में शनिवार को गोविंदपुर प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया और झारखंड के खनिज संसाधनों, राज्य के अधिकारों एवं जनहित की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मिराज अंसारी ने की, जबकि संचालन प्रखंड सचिव मनजुड़ा मरांडी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य पर्यवेक्षक के रूप में झामुमो धनबाद जिला सचिव मन्नू आलम सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पर्यवेक्षक एवं केंद्रीय सदस्य तस्लीम अंसारी, जिला प्रवक्ता समीर रवानी तथा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष मुन्ना साह ने भाग लिया।
कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की खनिज संबंधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और झारखंड के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन को और व्यापक बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरूआत झारखण्ड सरकार के दिवंगत मंत्री स्व. सुदिव्य कुमार सोनू एवं गोबिंदपुर प्रखंड सह सचिव अताउल्लाह अंसारी के याद एवं आत्मा के शांति के लिए में दो मिनट का मौन रखा गया।
जिला सचिव मन्नू आलम ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड ने देश के औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति में अपने खनिज संसाधनों के माध्यम से ऐतिहासिक योगदान दिया है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि खनिज संपदा से समृद्ध इस राज्य की जनता आज भी अपने अधिकारों, रोजगार, विस्थापन, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खनिज एवं खनन से जुड़े कानूनों में किए जा रहे संशोधनों को झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्य के अधिकारों और जनहित के व्यापक संदर्भ में देखता है। यदि किसी भी कानून या नीति के माध्यम से झारखंड के आर्थिक हितों, खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकारों अथवा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो झामुमो उसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध करेगा।
मन्नू आलम ने कहा कि झारखंड केवल खनिजों का भंडार नहीं, बल्कि यह वीर शहीदों, आदिवासियों, मूलवासियों, किसानों, मजदूरों और मेहनतकश जनता की धरती है। इस राज्य के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने लंबा संघर्ष किया है।झामुमो किसी भी ऐसी नीति का समर्थन नहीं करेगा, जिससे झारखंड की जनता के हितों की अनदेखी हो।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को झारखंड की जनता की भावनाओं और राज्य की वास्तविक आर्थिक परिस्थितियों को समझना होगा। खनिज संपदा का दोहन केवल राजस्व या औद्योगिक हितों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लाभ स्थानीय जनता, प्रभावित परिवारों और राज्य के विकास तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने झामुमो कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और पंचायत-पंचायत जाकर एमएमडीआर संशोधन विधेयक के संभावित प्रभावों के बारे में जनता को जागरूक करें तथा संगठन के निर्देशानुसार लोकतांत्रिक संघर्ष को मजबूत करें।
जिला प्रवक्ता समीर रवानी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार यहां की जनता और राज्य का है। केंद्र सरकार कानूनों में संशोधन के नाम पर झारखंड के आर्थिक एवं संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा, “झारखंड की धरती से निकलने वाले कोयले और खनिजों से देश रोशन होता है, लेकिन यहां की जनता आज भी विस्थापन, बेरोजगारी और बदहाली झेल रही है। अब झारखंड अपने अधिकारों की लूट बर्दाश्त नहीं करेगा। एमएमडीआर संशोधन विधेयक के खिलाफ झामुमो सड़क से सदन तक निर्णायक संघर्ष करेगा। केंद्र सरकार को झारखंड की जनता की आवाज सुननी ही होगी।”उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा की रक्षा झामुमो की प्राथमिकता है और राज्य के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम में पूर्व जिला सह सचिव एजाज अहमद,प्रखण्ड उपाध्यक्ष मोकिम अंसारी, पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष अख्तर हुसैन अंसारी,अजीमुद्दीन अंसारी,मोबीन अंसारी, एजाज अहमद, अताउल्लाह अंसारी, फारूक अंसारी, अख्तर अंसारी, शंकर महतो, रहमत अंसारी,फिरोज अंसारी, प्राणचंद सोरेन, शांतिराम रजवार, पारस हांसदा, मिहिर गोप, शमशेर अंसारी,इमरान अंसारी, मो० शमीउर्रहमान, जाहिद हुसैन,आफताब आलम, निर्मल मंडल, इस्तियाक अंसारी, निर्मल मंडल,माथुर अंसारी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थें।