रंगों में दिखी प्रतिभा, विद्यार्थियों ने चित्रकारी से रचा कला का संसार

रंगों में दिखी प्रतिभा, विद्यार्थियों ने चित्रकारी से रचा कला का संसार

डीजे न्यूज, धनबाद : बैंक मोड़ स्थित अनुवा अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स में मंगलवार को बीरेंद्र मेमोरियल फाइन आर्ट एंड कल्चर की वार्षिक परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में झारखंड और बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे विद्यार्थियों ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रथमा (जूनियर सर्टिफिकेट ऑफ फाइन आर्ट्स) से लेकर दसवीं (एडल्ट डिप्लोमा ऑफ फाइन आर्ट्स) तक की डिप्लोमा परीक्षा में विद्यार्थियों ने स्टिल लाइफ और वॉटर कलर के जरिए विभिन्न विषयों को कागज पर जीवंत किया।

परीक्षार्थियों ने मार्केट सीन, फेस्टिवल और अन्य विषयों पर आधारित चित्रों को बारीकी एवं रचनात्मकता के साथ उकेरा। मेदिनीपुर से पहुंचे मुख्य परीक्षक एवं जज तथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार बिष्णु मैती ने विद्यार्थियों की चित्रकारी का मूल्यांकन किया।

बिष्णु मैती ने कहा कि भारतीय कला और चित्रकारी की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में नई पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि अनुवा अकादमी में विद्यार्थियों ने बेहद सुंदर, परिपक्व और प्रभावशाली चित्र प्रस्तुत किए हैं। परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा, जिसके आधार पर वे विभिन्न संस्थानों एवं स्कूलों में कला शिक्षक के रूप में करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

अकादमी के निदेशक एवं कलाकार डॉ. विक्टर घोष ने कहा कि परीक्षा बीरेंद्र मेमोरियल फाइन आर्ट एंड कल्चर के नियमों एवं निर्देशों के अनुसार व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई गई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने निरंतर मेहनत और एकाग्रता के साथ चित्रकारी की बारीकियां सीखी हैं। डिप्लोमा हासिल करने के बाद विद्यार्थी कला को करियर के रूप में अपनाने के साथ दूसरों को भी प्रशिक्षण देने में सक्षम होंगे।

अकादमी की अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कलाकार अनुवा घोष ने परीक्षा के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे लंबे समय से विद्यार्थियों को कला के माध्यम से आत्मविश्वास हासिल करने और बेहतर करियर बनाने के लिए प्रेरित करती रही हैं। उनके मार्गदर्शन से अकादमी ने कला शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान कायम की है।

परीक्षार्थी कंचन कुमारी ने कहा कि ड्रॉइंग केवल शौक नहीं, बल्कि करियर से जुड़ा महत्वपूर्ण कौशल है। आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, बीएसए और आर्किटेक्चर सहित कई क्षेत्रों में ड्रॉइंग की आवश्यकता होती है। अकादमी में उन्हें इसी दृष्टिकोण से प्रशिक्षण मिल रहा है।

परीक्षार्थी सौरव ने कहा कि बेहतर चित्रकारी के लिए लंबे समय तक अभ्यास और मेहनत जरूरी है। डॉ. विक्टर घोष के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को अपनी कमियों को सुधारने और कला में निखार लाने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि अकादमी से प्रशिक्षण लेकर हजारों विद्यार्थी कला के क्षेत्र में आगे बढ़ चुके हैं और उन्हें भी सफलता की पूरी उम्मीद है।

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