जनता की आवाज दबाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं: अनुपमा सिंह
डीजे न्यूज, धनबाद: धनबाद सदर अंचल कार्यालय के समक्ष हुए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं पर दर्ज प्राथमिकी दुर्भावनापूर्ण, असंवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने वाला कदम है। उक्त बातें कांग्रेस नेत्री सह राकोमयू के कार्यकारी अध्यक्ष अनुपमा सिंह ने शनिवार को कहीं।
उन्होंने कहा कि 13 मई को धनबाद एवं भूली नगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक था। धरना का उद्देश्य अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, दलाली, रिश्वतखोरी, दाखिल-खारिज, जाति, आय एवं निवास प्रमाण-पत्र, भूमि मापी तथा ऑनलाइन आवेदन निष्पादन में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ आम जनता की आवाज उठाना था।
अनुपमा सिंह ने कहा कि धरना के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, मारपीट, तोड़फोड़ या सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न नहीं की गई। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करना यह साबित करता है कि धनबाद अंचल अधिकारी जनहित के मुद्दों को उठाने वालों को भयभीत करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और धरना-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक एवं राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। भ्रष्टाचार एवं जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। प्रशासन द्वारा अनावश्यक रूप से गंभीर धाराएँ लगाकर आंदोलन को दबाने का प्रयास अत्यंत निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक है।
अनुपमा सिंह ने उपायुक्त से मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज दुर्भावनापूर्ण प्राथमिकी को अविलंब वापस लिया जाए। साथ ही धनबाद अंचल अधिकारी ने अपने पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन को आपराधिक स्वरूप देने का प्रयास किया है, उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकार, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई एवं जनहित के मुद्दों को लेकर निरंतर संघर्ष करती रहेगी और जनआवाज को दबाने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ विरोध किया जाएगा।