



गर्मी से पहले जलापूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश

मॉनिटरिंग के लिए बनाया जाएगा वॉर रूम
डीजे न्यूज, धनबाद: गर्मी से पहले जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की तैयारी प्रशासन ने शुरू कर दी है। डीसी आदित्य रंजन ने गुरुवार को उप विकास आयुक्त सन्नी राज के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।
बैठक में उपायुक्त ने जिले में पानी से संबंधित जितनी भी समस्याएं हैं, उनका गर्मी से पहले त्वरित समाधान करने, सभी जलमीनारों को नियमित रूप से चालू रखने, जलापूर्ति व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। किसी भी क्षेत्र में जलापूर्ति से संबंधित समस्या आने पर उसे 24 से 48 घंटे के भीतर हर हाल में दूर करें। जलापूर्ति व्यवस्था की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए आवश्यक फंड उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जलमीनार, चापाकल, कुएं सहित जलापूर्ति से जुड़े सभी मौजूदा जल स्रोत शत-प्रतिशत क्रियाशील (फंक्शनल) होने चाहिए। मार्च माह के अंत तक जिले के सभी चापाकल, कुएं एवं जलमीनारों को पूरी तरह से दुरुस्त एवं कार्यशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए टीम का गठन किया जाएगा। इसमें संबंधित क्षेत्र के बीडीओ तथा पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता शामिल रहेंगे। साथ ही एक सत्यापन टीम द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में रैंडम निरीक्षण भी किया जाएगा।
बैठक के दौरान प्लंबर एवं श्रमिकों की उपलब्धता की भी जानकारी ली गई, ताकि किसी भी खराबी को शीघ्र ठीक किया जा सके। इसके अलावा स्पेयर पार्ट्स की सूची तैयार करने तथा विश्वसनीय विक्रेताओं से बेहतर गुणवत्ता के सामान की खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए एक वार रूम भी बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली बैठक में सभी संबंधित विभाग अपनी विस्तृत रिपोर्ट के साथ उपस्थित होंगे।
उपायुक्त ने कहा कि इस बार गर्मी के मौसम में प्रशासन पूरी तरह से सतर्क एवं तैयार रहेगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले के किसी भी परिवार को पानी लाने के लिए दूर तक नहीं जाना पड़े।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, पीएचईडी 1 एवं 2 के कार्यपालक अभियंता, सभी प्रखंड के कनीय अभियंता, सहायक अभियंता के अलावा अन्य विभागों के पदाधिकारी शामिल हुए।




