मनुष्य की सोच ने वर्तमान युग को विज्ञान युग बनाया : जोरावर सिंह सलूजा

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मनुष्य की सोच ने वर्तमान युग को विज्ञान युग बनाया : जोरावर सिंह सलूजा

सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी, छात्रों ने अपने मॉडल से वैज्ञानिक सोच और समस्या समाधान का कौशल प्रस्तुत किया

डीजे न्यूज, गिरिडीह : सलूजा गोल्डइंटरनेशनल स्कूल अनुभवात्मक शिक्षा में विश्वास करता है। विद्यालय का मानना है कि एक विद्यालय का उद्देश्य सिर्फ छात्रों को शिक्षा देना नहीं है बल्कि, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना भी है।

उन्हें अलग-अलग शैक्षणिक कार्यकर्मो के माध्यम से वास्तविक जीवन की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित भी करना है।

अपने इसी उद्देश्य को आधार मानते हुए शनिवार को विद्यालय के सभागार में विज्ञान प्रदर्शनी दसवीं तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रदर्शनी की शुरुआत संस्थान की निदेशिका रमनप्रीत कौर सलूजा, उप प्राचर्य सूरज कुमार लाला एवं सीनियर एडमिनिस्ट्रेटर रूपा मुद्रा ने किया।

छात्र -छात्राओं ने अपनी रचनात्मक शैली का परिचय देते हुए एक से बढकर एक मॉडल प्रस्तुत किए। सभागार का दृश्य एक नयेपन का आभास करा रहा था। ऐसा लग रहा था मानो हम एक नयी दुनिया में पहुंच गए हैं। छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हुए अपनी वैज्ञानिक सोच और समस्या समाधान का कौशल प्रस्तुत किया। बनाए गए वैज्ञानिक मॉडल में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, स्लोअर पावर प्लांट, राडार सिस्टम, प्रदूषण को नियंत्रित करने वाले यन्त्र, जवालामुखी, ग्लोबल वार्मिंग को मापने वाले सयंत्र, चांद्रायण इत्यादि चर्चा में रहे।

चारों तरफ मॉडल ही मॉडल दिखाई दे रहे थे। विद्यालय के प्रबंध निदेशक जोरावर सिंह सलूजा ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता को दिल से सराहा। उन्हने कहा कि मनुष्य की सोच ने वर्तमान युग को विज्ञान युग बना दिया है। मुझे खुशी है कि विद्यार्थियों ने विज्ञान की इस प्रद्रशनी में वैज्ञानिक मॉडलों के साथ पर्यवरण संतुलन और इसे बचने के लिए मॉडल प्रस्तुत किए। इसके लिए वे प्रसंशा के पात्र हैं।

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