सीसीटीवी फुटेज से खुली सीएचसी टुंडी की पोल 

Advertisements

सीसीटीवी फुटेज से खुली सीएचसी टुंडी की पोल

 

बंद थी अस्पताल की ग्रिल, गार्ड तक नहीं था मौजूद, विवश होकर दरवाजे से लौट गए थे जख्मी के साथ परिजन 

 

डॉक्टरों के गायब रहने को उपायुक्त ने लिया संज्ञान, सिविल सर्जन ने डॉ विकास राणा से कराई जांच 

 

देवभूमि झारखंड न्यूज इंपैक्ट 

डीजे न्यूज, टुंडी(धनबाद) : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टुंडी में सोमवार की रात घायल युवक का इलाज नहीं होने और विवश होकर मरीज को गोविंदपुर के निजी अस्पताल ले जाने की खबर को धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा को तत्काल इसकी जांच कराने और दोषी पाए जाने पर चिकित्सकों व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उपायुक्त के निर्देश पर सिविल सर्जन ने डॉ विकास राणा को जांच के लिए भेजा। डॉ विकास राणा ने टुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर दिनभर जांच की। प्रभारी डॉ श्रवण कुमार ने यह दलील दी कि कोई मरीज रात को आया ही नहीं था। लेकिन, जब सीसीटीवी खंगाला गया तो सारी पोल खुल गई।

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का गेट तक नहीं खुला था। अस्पताल की ग्रिल बंद थी। गेट पर न तो कोई चौकीदार था और ना ही कोई चिकित्साकर्मी डयूटी पर तैनात था। सभी अपने-अपने शयन कक्ष में थे। सीसीटीवी में यह साफ दिख रहा था कि अस्पताल के गेट पर रात करीब बारह बजे मरीज के साथ परिजन अस्पताल पहुंचे थे। जब कोई गेट नहीं खोला और ना ही कोई व्यक्ति दिखा तो करीब दस मिनट बाद सभी वहां से चले गए। डॉ विकास राणा ने रोस्टर में जिस डॉक्टर, नर्स और ड्रेसर की डयूटी थी, उनसे भी बात की। डॉ विकास राणा ने प्रभारी डॉ. श्रवण कुमार एवं अन्य डॉक्टरों व कर्मियों को व्यवस्था सुधारने कहा। डॉ विकास राणा ने आरोप लगाने वाले लोधरिया के विजय चौधरी से फोन पर बात की। विजय चौधरी धनबाद से बाहर थे। फोन पर उन्होंने बताया कि जख्मी भतीजे को लेकर वह एवं उनके परिवार के अन्य लोग इस आशा से गए थे कि कम से कम शरीर से जो खून बह रहा था, उसकी मरहम पट्टी तो हो जाती, लेकिन अस्पताल में कोई गेट खोलने वाला तक नहीं था। टुंडी आकर अपना एवं अपने जख्मी भतीजे का बयान दर्ज कराने की बात विजय चौधरी ने कही।

लोधरिया निवासी विजय चौधरी ने बताया था कि सोमवार की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उनका भतीजा राहुल कुमार टुंडी-गिरिडीह मार्ग पर सड़क दुर्घटना में जख्मी हो गया था। यह सूचना मिलते ही वह एवं उनके अन्य परिजन जख्मी राहुल कुमार को लेकर रात करीब बारह बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुबराजपुर टुंडी ले गए थे। राहुल को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी था। दुर्भाग्य की बात है कि वहां कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। हद तो यह है कि कोई चिकित्साकर्मी भी सेवा देने के लिए उपलब्ध नहीं था। अंत में हारकर वे लोग जख्मी को लेकर गोविंदपुर पहुंचे और वहां एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती कराया। विजय चौधरी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टुंडी की हालत बेहद खराब है। वहां डॉक्टर मौजूद नहीं रहते हैं। टुंडी में बीमार पड़ने पर या घायल होने पर भगवान ही मालिक है।

उन्होंने उपायुक्त से टुंडी की चिकित्स व्यवस्था में सुधार करने की अपील की है।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top