



फाउंडेशन्स ऑफ सिक्योर कम्युनिकेशंस यूजिंग क्रिप्टोग्राफी पर बूटकैम्प का शुभारंभ

डीजे न्यूज, धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में फाउंडेशन्स ऑफ सिक्योर कम्युनिकेशंस यूजिंग क्रिप्टोग्राफी विषय पर सात दिवसीय बूटकैम्प का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। उदघाटन विभाग के सेमिनार हॉल में किया गया। 18 फरवरी तक आयोजित कार्यक्रम का प्रायोजन सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (ISEA) फेज-III परियोजना, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार द्वारा किया गया है।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. चिरंजीव कुमार ने की। इस अवसर पर प्रो. सचिन त्रिपाठी तथा कंप्यूटर सेंटर के असिस्टेंट सिस्टम इंजीनियर देवेंद्र मणि त्रिपाठी सहित विभाग के अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे।
अपने संबोधन में प्रो. चिरंजीव कुमार ने कहा कि तेजी से बदलते साइबर परिदृश्य और बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है जो डिजिटल सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी समाधान कर सके।
प्रो. सचिन त्रिपाठी ने बताया कि MeitY के ISEA फेज-III के तहत इस बूटकैम्प का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कुशल जनशक्ति तैयार करना, जागरूकता बढ़ाना तथा क्षमता निर्माण और शोध को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, “हमारा जोर केवल सैद्धांतिक पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हैंड्स-ऑन सेशंस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस कोर्स का मुख्य फोकस क्रिप्टोग्राफी पर रहेगा, जो साइबर सुरक्षा की एक अहम तकनीक है। साथ ही डेटा सिक्योरिटी और नेटवर्क सिक्योरिटी पर भी विस्तार से चर्चा होगी।”
कार्यक्रम के पहले दिन पंजीकरण के बाद उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया। इसके पश्चात क्रिप्टोग्राफी की मूल अवधारणाओं पर व्याख्यान तथा हार्डवेयर प्लेटफॉर्म का परिचय देते हुए प्रायोगिक सत्र आयोजित किया गया।
आगामी दिनों में प्रतिभागियों को RSA, AES, हैश फंक्शन्स, डिजिटल सिग्नेचर, सुरक्षित संचार, पैकेट कैप्चरिंग, सर्वर लॉग्स, वेब एप्लिकेशन वल्नरेबिलिटी, डिनायल ऑफ सर्विस अटैक तथा Wireshark, Burp Suite और Kali Linux जैसे टूल्स पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। समापन दिवस पर प्रतिभागियों की व्यावहारिक समझ को परखने के लिए “कैप्चर द फ्लैग (CTF)” प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
यह बूटकैम्प विद्यार्थियों को क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिद्म, सुरक्षित सिस्टम डिजाइन और साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक पहलुओं की मजबूत समझ प्रदान करेगा, जिससे वे उन्नत शोध और उद्योग में बेहतर अवसरों के लिए तैयार हो सकें।




