बोकारो सिंटर प्लांट और चंदनकियारी इंजीनियरिंग कॉलेज पर सरकार ने की स्थिति स्पष्ट औद्योगिक विकास और उच्च शिक्षा को लेकर संसद में उठाई मजबूत आवाज़

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बोकारो सिंटर प्लांट और चंदनकियारी इंजीनियरिंग कॉलेज पर सरकार ने की स्थिति स्पष्ट

औद्योगिक विकास और उच्च शिक्षा को लेकर संसद में उठाई मजबूत आवाज़

डीजे न्यूज, धनबाद: धनबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद ढुलू महतो द्वारा लोकसभा में उठाए गए महत्वपूर्ण प्रश्नों पर केंद्र सरकार ने आधिकारिक उत्तर प्रस्तुत किया है। ये प्रश्न बोकारो स्टील प्लांट में लंबित सिंटर प्लांट परियोजना तथा चंदनकियारी में स्थापित इंजीनियरिंग कॉलेज से संबंधित थे। संसद में प्राप्त उत्तरों से दोनों विषयों की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्यवाही स्पष्ट हुई है।

बोकारो स्टील प्लांट के सिंटर प्लांट प्रोजेक्ट पर सरकार का स्पष्टीकरण

लोकसभा के प्रश्न संख्या 1741 के माध्यम से सांसद ढुलू महतो ने बोकारो स्टील लिमिटेड (BSL) में सिंटर प्लांट परियोजना में हो रही देरी और उसके प्रभाव को लेकर प्रश्न उठाया था। केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि यह अनुबंध वर्ष 2015 में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL)/बोकारो स्टील प्लांट को प्रदान किया गया था। परियोजना की प्रगति कंसोर्टियम पार्टनर द्वारा डिजाइन, इंजीनियरिंग एवं संसाधन तैनाती में विफलता तथा कोविड-19 महामारी से उत्पन्न व्यवधानों के कारण प्रभावित हुई। संबंधित फर्म के लगातार खराब प्रदर्शन के चलते उसे व्यावसायिक लेन-देन से प्रतिबंधित किया गया तथा जोखिम एवं लागत की कार्रवाई आरंभ की गई।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बीएसएल ने वर्तमान उत्पादन स्तर बनाए रखने के लिए मौजूदा सिंटर प्लांट की मरम्मत और डिबॉटलनेकिंग के माध्यम से आवश्यकताओं की पूर्ति की। मुख्य पैकेज के शेष कार्य वर्ष 2025 में नई एजेंसियों को प्रदान किए गए हैं और उनके विरुद्ध कार्य निष्पादन प्रारंभ हो चुका है। परियोजनाओं की बेहतर निगरानी हेतु डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सॉल्यूशन तथा इलेक्ट्रॉनिक ड्रॉइंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू किए गए हैं और सेल की परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

चंदनकियारी इंजीनियरिंग कॉलेज पर सरकार की आधिकारिक जानकारी

प्रश्न संख्या 1601 के माध्यम से सांसद ढुलू महतो ने चंदनकियारी (झारखंड) में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना, केंद्रीय सहायता, निर्माण स्थिति तथा प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न उठाए थे। केंद्र सरकार ने अपने उत्तर में बताया कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के अंतर्गत ‘न्यू कॉलेज (प्रोफेशनल एवं टेक्निकल)’ घटक में झारखंड राज्य के चंदनकियारी में तकनीकी कॉलेज को ₹26 करोड़ की केंद्रीय सहायता से स्वीकृति प्रदान की गई है।

राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार कॉलेज का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और यह संस्थान शैक्षणिक सत्र 2025–26 से संचालित है। वर्तमान में कॉलेज में तीन बी.टेक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक में 60 सीटों की स्वीकृत क्षमता है। प्रवेश के लिए झारखंड का डोमिसाइल अथवा स्थायी निवास अनिवार्य मानदंड निर्धारित किया गया है।

सांसद ढुलू महतो ने कहा कि धनबाद और बोकारो क्षेत्र से जुड़े औद्योगिक तथा शैक्षणिक विषयों को लेकर उन्होंने लोकसभा में प्रश्न उठाए थे ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और परियोजनाओं की प्रगति में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि सिंटर प्लांट परियोजना की समयबद्ध पूर्णता तथा चंदनकियारी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रभावी संचालन को लेकर वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन पहलों से क्षेत्र में औद्योगिक मजबूती, रोजगार सृजन और युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के अवसरों को नई दिशा मिलेगी।

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