टुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टरों के गायब रहने को मंत्री ने लिया संज्ञान 

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टुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टरों के गायब रहने को मंत्री ने लिया संज्ञान

 

पूरे मामले की लेंगे जानकारी, डयूटी से लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डॉ इरफान अंसारी 

 

प्रभारी समेत सभी डॉक्टरों को प्रखंड मुख्यालय में रहने की अनिवार्यता : सिविल सर्जन 

 

देवभूमि झारखंड न्यूज इंपैक्ट 

संजीत तिवारी, टुंडी(धनबाद) : राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत टुंडी के सभी अस्पतालों से डॉक्टरों के गायब रहने के मामले को संज्ञान में लिया है। देवभूमि झारखंड न्यूज की रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि ग्रामीणों की चिकित्सा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शनिवार को देवभूमि झारखंड न्यूज को बताया कि टुंडी के मामले को लेकर वह सिविल सर्जन से बात कर पूरी जानकारी लेंगे। मंत्री ने कहा कि प्रभारी हों या फिर कोई अन्य डॉक्टर सभी को अपने कार्यस्थल पर नियमित रूप से डयूटी करनी होगी। कोई डयूटी नियमित रूप से नहीं करे, यह कैसे चल सकता है।

इधर धनबाद के सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने देवभूमि झारखंड न्यूज को बताया कि प्रभारी समेत सभी डॉक्टरों को प्रखंड मुख्यालय के आठ किमी के क्षेत्र में अपना आवास रखना होगा। अस्पताल परिसर में यदि उनके लिए आवास है तो उन्हें वहीं रहना होगा। यह सरकार का आदेश है। इस आदेश को मानने के लिए सभी डॉक्टर व कर्मचारी बाध्य हैं। प्रभारी टुंडी के हैं तो उन्हें अपना आवास टुंडी में ही रखना होगा। सिविल सर्जन ने बताया कि डॉक्टरों के डयूटी पर नहीं रहने की शिकायत है तो इसकी वह औचक जांच करेंगे। सुनिश्चित करेंगे कि सभी डॉक्टर टुंडी मुख्यालय में ही रहें और नियमित रूप से डयूटी करें। इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे।

विदित हो कि कुत्ते का जूठा प्रसाद खाने से लोधरिया के 75 से अधिक ग्रामीण जिसमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं, बीमार पड़ गए थे। बुधवार की सुबह जब पीड़ित लोग टुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां सिर्फ एक डॉक्टर डयूटी पर थे जबकि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्रवण कुमार समेत अन्य डॉक्टर नदारद थे। चिकित्साकर्मियों की उपस्थिति नगण्य थी। मरीजों का निबंधन करने के लिए भी कर्मचारी नहीं थे। प्रभारी के बारे में कुछ बता पाने की स्थिति में न तो डयूटी पर मौजूद एकलौता डॉक्टर रित्विक लोचन थे और न ही कोई कर्मी। इस पर वहां मौजूद लोगों ने हंगामा किया था। देवभूमि झारखंड न्यूज ने जब इसकी पड़ताल की तो यह बात सामने आई कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत टुंडी के तमाम अस्पतालों में चिकित्सक नदारद रहते हैं। बाद में देवभूमि झारखंड न्यूज के साथ संवाद में विभिन्न राजनीतक पार्टियों के नेताओं ने खुलकर इस पर आक्रोश जाहिर किया था। कहा कि प्रभारी तक यहां नहीं रहते हैं। कई नेताओं ने कहा कि प्रभारी टुंडी में डयूटी करने के बजाय सिंडिकेट बनाकर जगह-जगह यहां जमीन खरीद रहे हैं। इसकी जांच की भी मांग की थी।

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