असम के बिहू और त्रिपुरा के शास्त्रीय नृत्य से कला संगम महोत्सव का आगाज

Advertisements

असम के बिहू और त्रिपुरा के शास्त्रीय नृत्य से कला संगम महोत्सव का आगाज

चार दिवसीय 25वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक, शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य प्रतियोगिता का हुआ भव्य उद्घाटन

सबेरा सिनेमा हॉल में एक फरवरी तक नाट्य, शास्त्रीय नृत्य और लोक नृत्य की रहेगी धूम

डीजे न्यूज,गिरिडीह : कला संगम के तत्वावधान में सबेरा सिनेमा हॉल में आयोजित चार दिवसीय 25वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक, शास्त्रीय नृत्य, लोकनृत्य प्रतियोगिता का गुरुवार को असम के बिहू और त्रिपुरा के शास्त्रीय नृत्य से आगाज हो गया। इसके पहले रजत जयंती के रूप में मनाए जा रहे इस महोत्सव का उद्घाटन स्व. उमा रानी ताह की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन कला संगम के संरक्षक राजेंद्र बगड़िया, श्रेयांश जैन, अध्यक्ष प्रकाश सहाय, संयोजक चुन्नूकांत, कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ताह, सचिव सतीश कुंदन, उपाध्यक्ष राजीव सिन्हा, कृष्ण कुमार सिन्हा, सह सचिव शिवेंद्र सिन्हा, सुजय गुप्ता, मदन मंजरवे,बिनोद शर्मा प्रोग्राम कॉर्डिनेटर देवेंद्र सिंह, सह संयोजक राजेश सिन्हा, कोषाध्यक्ष विनय बक्शी, संगीत प्रमुख ओरित चंद्रा, डॉ तारकनाथ देव ने संयुक्त रूप से किया।
संरक्षक राजेंद्र बगड़िया ने कहा कि इस वर्ष नाट्य महोत्सव की रजत जयंती मनाई जा रही है। सचिव सतीश कुंदन की अस्वस्थता की वजह से कुछ कठिनाइयां सामने आईं, लेकिन युवाओं ने सब सम्भाल लिया है, जो प्रशंसनीय है।
अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष प्रकाश सहाय ने कला संगम का इतिहास बताया। संयोजक चुन्नूकांत ने संस्था के उज्जवल भविष्य की कामना की।

इसी दौरान बिहार आरा रंगमंच के अशोक मानव ने रंगमंच में अनवरत सेवा देने के लिए कला संगम के सचिव को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और कहा कि सतीश कुंदन की जिद से ही गिरिडीह में 25 वर्षों से अखिल भारतीय नाट्य महोत्सव हो पा रहा है। आरा रंगमंच तहेदिल से सतीश कुंदन की प्रशंसा करता है।
मंच संचालन नाट्य प्रमुख नीतीश आनंद और कार्यालय प्रभारी मनोज कुमार मुन्ना ने किया।

लोक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य और नाटकों के मंचन ने मन मोहा

उद्घाटन के बाद शास्त्रीय नृत्य में बरनाली पॉल, हिया चटर्जी, गौरव सरकार, लोकनृत्य में प्रतिभा बारा, श्रेया पासवान ने अपनी प्रस्तुति दी। नाटकों में तुमने क्यों कहा कि मैं खूबसूरत हूं, हत्यारा, मुनिया की एक प्रतिशोध का भावपूर्ण मंचन हुआ। सुरताल म्यूजिक डांस ग्रुप, इशिका गुप्ता, इशानी करी, आविन बर्मन, मधु कुमारी एंड ग्रुप ने भी नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाली लूटी।
नृत्य के निर्णायक शिवानी भट्टाचार्य, सरसी चंद्रा एवं नाटकों के निर्णायक वशिष्ठ प्रसाद सिन्हा, अशोक मानव, शिवलाल सागर और मो. निजाम हैं।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top