कांग्रेस को भगवान श्रीराम के नाम से ही आपत्ति : बाबूलाल 

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कांग्रेस को भगवान श्रीराम के नाम से ही आपत्ति : बाबूलाल 

ग्रामीण युवाओं,मजदूरों और किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा : शत्रुध्न महतो

विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) पर बासुकीनाथ में सम्मेलन आयोजित 

डीजे न्यूज, दुमका : भारतीय जनता पार्टी दुमका की ओर से बुधवार को बासुकीनाथ स्थित होटल रॉयल पैलेस में “VB G-RAM G” विषय पर सम्मेलन का आयोजन किया गया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल कर रहे थे।

इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी एवं बाघमारा विधायक शत्रुध्न महतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर, पूर्व सांसद द्वय अभयकांत प्रसाद एवं सुनील सोरेन विशेष रूप से सम्मेलन में मौजूद रहे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि “VB G-RAM G” Act,2025 ग्रामीण भारत के लिए एक दूरदर्शी और परिवर्तनकारी कदम है। यह कानून केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण समाज को आत्मनिर्भर,सशक्त और सम्मानजनक आजीविका प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में यह कानून मील का पत्थर सिद्ध होगा। बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इस योजना का पूरा नाम ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ है, जिसे मनरेगा (MGNREGA)के स्थान पर लाया गया है। कांग्रेस को भगवान श्रीराम के नाम से ही आपत्ति है। इसी मानसिकता के कारण वह “VB G-RAM G” जैसे जनकल्याणकारी कानून का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस योजना के नाम में राम और ग्राम दोनों जुड़े हों, कांग्रेस उसका विरोध करना अपना राजनीतिक धर्म समझती है। मरांडी ने कहा कि यह देश जानता है कि आज तक गांधी परिवार और कांग्रेस के शीर्ष नेता अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम मंदिर में दर्शन करने नहीं गए, जबकि यह मंदिर करोड़ों देशवासियों की आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया उसकी राम विरोधी और ग्रामीण विरोधी सोच को उजागर करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए गरीब, किसान, मजदूर और गांव के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। बाघमारा विधायक शत्रुध्न महतो ने अपने संबोधन में कहा कि यह नया कानून मनरेगा से आगे बढ़कर रोजगार के साथ-साथ आजीविका,कौशल विकास और टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर देता है। इससे ग्रामीण युवाओं,मजदूरों और किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।

जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर, पूर्व सांसद अभयकांत प्रसाद एवं सुनील सोरेन ने इस कानून को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला बताते हुए कार्यकर्ताओं से इसके व्यापक प्रचार-प्रसार का आह्वान किया।

भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमेशा गरीब, किसान, मजदूर और गांवों के विकास को प्राथमिकता दी है। यह सम्मेलन कार्यकर्ताओं को इस नए कानून की मंशा, उद्देश्य और लाभ को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया गया है,ताकि गांव-गांव में इसके सकारात्मक प्रभावों की जानकारी पहुंचे। कार्यक्रम में रविकांत मिश्रा, अमरेंद्र सिंह, सुरेश मुर्मू, परितोष सोरेन, शर्मीला सोरेन, निवर्तमान जिलाध्यक्ष गौरवकांत, पूनम देवी, मृणाल मिश्रा, मुरली मंडल, मिथिलेश झा, पूनम देवी, राजू दरवे, दुर्योधन राय, विनोद यादव, सुभाष यादव, महेंद्र मंडल, नवल किशोर मांझी, भोला मांझी, नकुल मंडल, नंदकिशोर मंडल, मृणाल मिश्रा, मनीष कुमार, तरुण नंदी, सुभाषित चटर्जी, अभिजीत सुमन, अजय सिंह, संतोष शाह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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