
















































प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अागमन के पूर्व खुद को मेयर प्रत्याशी घोषित कर चंद्रशेखर अग्रवाल ने गरमाई राजनीति

भाजपा के कई हैवी वैट नेताओं में खलबली, आदित्य साहू प्रत्याशी चयन के लिए कर रहे मंथन
पूर्व मेयर ने कहा-विकास या विनाश , अब धनबाद को चुनना है अपना रास्ता
दिलीप सिन्हा, धनबाद आदित्य साहू भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार शनिवार की देर शाम धनबाद पहुंचे लेकिन उसके ठीक पहले दोपहर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं धनबाद के पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने मेयर का चुनाव लड़ने का ऐलान कर कोयलांचल की राजनीति गरमा दी है। कारण, भाजपा के कई हैवी वैट नेता इस चुनाव में मेयर पद के लिए अपनी पत्नी या पति को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। चंद्रशेखर अग्रवाल ने न सिर्फ खुद को मेयर प्रत्याशी घोषित किया है बल्कि अपना संकल्प पत्र भी मीडिया के समक्ष साझा किया है। उनके इस ऐलान से ऐसे नेताओं में खलबली मच गई है। उन्होंने एक तरह से साफ कर दिया है कि भाजपा उन्हें समर्थित प्रत्याशी घोषित करे या न करे, वह चुनाव लड़ेंगे ही। इधर उनके समर्थकों का कहना है कि मेयर की कुर्सी पर बैठकर चंद्रशेखर अग्रवाल पूरे नगर निगम क्षेत्र में अपनी पैठ जमा चुके हैं। वहीं आदित्य साहू धनबाद में रात्रि विश्राम कर मेयर प्रत्याशी के संबंध में पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ मंथन करने वाले हैं। मेयर प्रत्याशियों के चयन के लिए प्रदेश भाजपा पहले ही प्रमंडलीय स्तर पर कमिटी बना चुकी है। कमिटी की सिफारिश पर प्रदेश अध्यक्ष व कोर कमिटी अंतिम निर्णय लेगी। गिरिडीह में भी सोमवार को मेयर प्रत्याशी के चयन के लिए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय के नेतृत्व में महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। उस बैठक में धनबाद के विधायक राज सिन्हा एवं बोकारो के पूर्व विधायक बिरंचि नारायण भी भाग लेंगे।
वहीं रविवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने धनबाद की जनता से अपील की कि यह चुनाव सिर्फ एक पद का नहीं, बल्कि धनबाद के भविष्य और इसकी खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस पाने का है।
चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि 2020 तक धनबाद ने प्रगति की जो रफ्तारर देखी थी, उसे 2026 में फिर से शुरू करने का समय आ गया है। उन्होंने धनबाद के नागरिकों से आशीर्वाद मांगते हुए ‘सुविधा, स्वच्छता और सम्मान’ को चुनने का आह्वान किया। कहा कि धनबाद एक निर्णायक मोड़ पर है। हमारे पास दो रास्ते हैं—एक विकास और स्मार्ट सिटी का और दूसरा पिछले पांच वर्षों की बदहाली का। उन्होंने पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों का लेखा-जोखा रखा। 52 हजार घरों तक हर घर नल जल, पहली 8-लेन वर्ल्ड क्लास सड़क (गोल बिल्डिंग से काको मठ मोड़) और कई 4-लेन सड़कों का निर्माण कर जाम से मुक्ति दिलाई। नई योजना में युवा व महिला सशक्तिकरण के लिए कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए। अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम का निर्माण, आधुनिक बस सेवा और समयबद्ध यात्रा व्यवस्था, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और वन-वे प्लान, भूमिहीनों के लिए पक्का मकान सुनिश्चित करना, हर मोहल्ले में ओपन जिम, योग केंद्र और वॉकिंग ट्रैक, डस्ट कंट्रोल और सख्त निगरानी से कोयलांचल की हवा को स्वच्छ बनाना है।



