



एक करोड़ का इनामी नक्सली अनल दा पुलिस मुठभेड़ में ढेर

सारंडा के गोइलकेरा जंगल मे हुआ मुठभेड़, पीरटांड़ के झरहा का रहने वाला था
राजीव पांडेय, पारसनाथ(गिरिडीह) : झारखंड, बिहार, छतीसगढ़, उड़ीसा, बंगाल आदि राज्यों में भाकपा माओवादी संगठन को मजबूत करने वाले और नक्सली संगठन के रणनीतिकार पतिराम मांझी उर्फ अनल दा उर्फ तूफान को पुलिस ने गुरुवार की सुबह सारंडा जंगल में मुठभेड़ में मार गिराया है। उसके कई सहयोगी भी इस मुठभेड़ में मारे गए हैं। एक करोड़ का इनामी नक्सली पतिराम मांझी उर्फ अनल दा मूल रूप से गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत झरहा गांव का निवासी था।
वह 30 वर्ष पूर्व नक्सली कांड में गिरिडीह जेल जा चुका है। झारखंड, बिहार, उड़ीसा, छतीसगढ़ आदि राज्यों में दर्जनों केस उसके खिलाफ दर्ज थे।
पारसनाथ क्षेत्र में अनल दा का चलता था सिक्का
पारसनाथ की भौगोलिक बनावट का पूर्ण जानकारी रखने वाला अनल दा उर्फ पतिराम मांझी का नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के बीच दबदबा का मुख्य कारण था कि वह नक्सली संगठन के प्रति ईमानदार था।
2016 में जब प्रशासन द्वारा पारसनाथ क्षेत्र में नक्सलियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू किया तो अनल दा दस्ते के साथ पारसनाथ के जंगलों में मौजूद था। स्थान बदल-बदल कर पुलिस के संग वह मुठभेड़ करता रहा। पालगंज के बहभनपहरी में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में एक सीआरपीएफ जवान शहीद हो गया था। घटना के सप्ताह भर बाद बहभनपहरी के जंगल में एक नक्सली का शव बरामद हुआ था। वहां से हथियार भी बरामद हुआ था। इस मुठभेड़ में नक्सलियों की कमान अनल दा संभाल रहा था। इसके बाद स्थान बदल बदल कर वह पारसनाथ छोड़कर अन्य स्थानों की ओर निकल पड़ा था।
अनल दा उर्फ पतिराम मांझी के मारे जाने का बाद झारखंड में नक्सलियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है।
इसके पूर्व संगठन के कई बड़े नक्सली गिरफ्तार हुए या फिर आत्मसमर्पण किए हैं या तो मुठभेड़ में मारे गए हैं। इनामी नक्सलियों के लिस्ट में एक करोड़ के इनामी नक्सलियों की सूची में एक कम हो गया।
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चार दशकों से पुलिस के लिए सरदर्द बने एक करोड़ के इनामी नक्सली को मुठभेड़ में मार गिराने के पश्चात पुलिस महकमा चैन की सांस ले रहा होगा।



