सुप्रसिद्ध आलोचक और कथा साहित्य के मर्मज्ञ वीरेंद्र यादव नहीं रहें, साहित्य विमर्श ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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सुप्रसिद्ध आलोचक और कथा साहित्य के मर्मज्ञ वीरेंद्र यादव नहीं रहें, साहित्य विमर्श ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

डीजे न्यूज, धनबाद : सुप्रसिद्ध आलोचक और कथा साहित्य के मर्मज्ञ वीरेंद्र यादव के निधन पर साहित्य विमर्श धनबाद के सदस्यों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साहित्य विमर्श के अध्यक्ष रामचन्द्र मिश्र ने कहा कि मार्क्सवाद का भारतीय समाज के संदर्भ में सबसे रचनात्मक उपयोग करने वाला जन बुद्धिजीवी चला गया। वहीं सचिव जयंत चक्रपाणि ने उन्हें प्रेमचंद साहित्य का चलता फिरता विश्वकोष बताया तथा शीला पात्रो ने उन्हें हिंदी पट्टी का अन्तरदृष्टिसंपन्न सामाजिक सांस्कृतिक योद्धा कहा।साहित्य विमर्श से जुड़े मथनचंद्र दसौंधी, कमलदेव मंडल, ब्रजकिशोर चौबे, अवनिकांत झा, संध्या रानी, विनीता झा, प्रवीण कुमारी, प्रवीण कुमार लाला, कुमारी नीलम, सोमित कुमार दत्ता आदि ने भी शोक संवेदना प्रकट की।

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