महिलाओं की आजीविका और आत्मनिर्भरता को लेकर उपायुक्त ने जेएसएलपीएस कार्यों की समीक्षा की

Advertisements

महिलाओं की आजीविका और आत्मनिर्भरता को लेकर उपायुक्त ने जेएसएलपीएस कार्यों की समीक्षा की

डीजे न्यूज, देवघर :
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) द्वारा जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में देवघर जिले की 194 पंचायतों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आजीविका से जोड़ने की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने नए समाहरणालय परिसर में दीदी कैफे एवं पलाश मार्ट खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। साथ ही जिले में मॉडल सीएलएफ विकसित करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश भी दिया गया।
उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों की अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने पर जोर देते हुए पंचायत स्तर पर निष्क्रिय सखी मंडलों की पहचान कर उन्हें पुनः सक्रिय करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को नियमित प्रशिक्षण, बैंक लिंकेज, कैश क्रेडिट लोन एवं आरएफ जैसी वित्तीय सुविधाओं से जोड़कर और अधिक सशक्त बनाने की बात कही।
बैठक में दीदी बगिया योजना, दीदी बाड़ी योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना, फूलो-झानो आशीर्वाद योजना, मुद्रा लोन, ऑर्गेनिक खेती, कुक्कुट पालन, मशरूम उत्पादन, दोना-पत्तल निर्माण, पोल्ट्री फार्म तथा दीदियों द्वारा किए जा रहे बांस, मिट्टी और लोहे से संबंधित कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने जेएसएलपीएस के तत्वावधान में एकीकृत कृषि संकुल योजना के अंतर्गत आजीविका संसाधन केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं और किसानों को एक ही स्थान पर मिट्टी जांच, कृषि एवं पशुपालन प्रशिक्षण, उर्वरक-बीज उपलब्धता, पशु टीकाकरण, कृषि यंत्रीकरण एवं प्रसंस्करण जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि के उद्देश्य से उपायुक्त ने प्रत्येक पंचायत में 20 से 25 स्वयं सहायता समूहों का चयन कर समूह आधारित आजीविका गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से सशक्त करने का निर्देश दिया। साथ ही दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की सूची तैयार कर बेहतर ब्रांडिंग एवं विपणन की दिशा में कार्य करने पर बल दिया गया। सरस मेला आयोजन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जेंडर सीआरपी को प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर सक्रिय करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल मजदूरी, भ्रूण हत्या एवं दहेज उत्पीड़न जैसी सामाजिक समस्याओं के समाधान में प्रभावी भूमिका निभाई जा सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त पियूष सिन्हा, डीपीएम जेएसएलपीएस, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, डीएमएफटी टीम, सभी प्रखंडों के बीपीएम तथा जेएसएलपीएस के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top