बाल विवाह की किसी भी सूचना को गंभीरता से लें, किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें : रामनिवास यादव

Advertisements

बाल विवाह की किसी भी सूचना को गंभीरता से लें, किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें : रामनिवास यादव

बाल विवाह मुक्त झारखंड और मिशन शक्ति के अंतर्गत प्रशिक्षण सह कार्यशाला का उपायुक्त ने किया शुभारंभ

डीजे न्यूज, गिरिडीह : अनुमंडल कार्यालय बगोदर सरिया में बुधवार को समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के उन्मूलन, बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा संचालित सामाजिक कुरीति निवारण योजना, राज्य योजनाएँ– बाल विवाह मुक्त झारखंड एवं मिशन शक्ति के अंतर्गत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया।

उपायुक्त रामनिवास यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अकेला कोई भी व्यक्ति, कर्मी, पदाधिकारी सामाजिक कुरीतियों को खत्म नहीं कर सकता, उसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। बाल विवाह सामाजिक रूढ़िवाद का नतीजा है। अतः हम सबको इससे बाहर निकलना होगा।

उपायुक्त ने कहा कि हम सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार द्वारा महिलाओं को दिए जाने वाले अधिकार और कई सरकारी योजनाओं का लाभ पाकर आज हमारे राज्य की महिलाएं सशक्त हुईं हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाल विवाह की किसी भी सूचना को गंभीरता से लिया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

जिला परिषद उपाध्यक्ष ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को रोकने में जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका होती है। उप विकास आयुक्त, स्मृता कुमारी ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इस प्रकार की सूचना पाए जाने पर संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के कानूनी प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बताया गया कि अधिनियम के अनुसार बालिकाओं के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा बालकों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top