

























































लेफ्ट विचारधारा ही देश को बचा सकती : शिव बालक पासवान

लोदना कोलियरी में आउटसोर्सिंग ठेका मजदूरों का प्रथम वार्षिक सम्मेलन संपन्न, 13 सदस्यीय नई कमिटी का गठन
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : लोदना कोलियरी स्थित शिव मंदिर प्रांगण में गुरुवार को बीसीकेयू के बैनर तले क्षेत्र में कार्यरत आउटसोर्सिंग ठेका मजदूरों का प्रथम वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत यूनियन का झंडोत्तोलन रामबृक्ष धारी द्वारा किया गया। इसके बाद उपस्थित सभी मजदूर साथियों ने बारी-बारी से शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीटू जिला कमिटी के शिव बालक पासवान ने कहा कि अखिल भारतीय सीटू का सम्मेलन विशाखापट्टनम में आयोजित हो रहा है और उसी कड़ी में लोदना में बीसीकेयू आउटसोर्सिंग ठेका मजदूरों का यह सम्मेलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वैचारिक संघर्ष से ही देश को बचाया जा सकता है। बीजेपी पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस के गर्भ से पैदा होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में कोई भूमिका नहीं रही है और आज वह देश की संपत्तियों को कौड़ी के भाव बेचकर देश को कंगाल और गुलाम बना रही है। उन्होंने कहा कि लेफ्ट की विचारधारा ही देश को बचा सकती है और आउटसोर्सिंग ठेका मजदूर संगठन को राजनीति की मुख्य भूमिका में लाना होगा।
उन्होंने मजदूरों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि संविधान के अनुसार 8 घंटे काम का प्रावधान है और उससे अधिक काम कराने पर ओवरटाइम का अधिकार है, लेकिन यहां मजदूरों से 12-12 घंटे काम कराया जा रहा है और वेतन भी मनमाने तरीके से दिया जाता है। उन्होंने आह्वान किया कि दुनिया के मजदूर एक हों, खुले तौर पर अपने मुद्दों को रखें और अधिकारों के लिए दृढ़ संकल्प के साथ संघर्ष कर मजदूर आंदोलन को मजबूत करें।
सम्मेलन में नई कमिटी का गठन किया गया, जिसमें
अमरजीत पासवान को सचिव,
अभिषेक कुमार को संयुक्त सचिव,
वाहिद अली को संयुक्त सचिव,
प्रजा पासवान को अध्यक्ष,
मनोज पासवान को उपाध्यक्ष,
संजय पासवान को उपाध्यक्ष,
भोला माली को कोषाध्यक्ष बनाया गया।
इसके अलावा हेमंत बावरी, शिव कुमार पासवान, इंद्रजीत पासवान, पप्पू पासवान सहित दो रिक्त पदों के साथ 13 सदस्यीय कमिटी गठित की गई। मौके पर फेडरेशन के नेता धर्मेंद्र राय, हेमंत बाउरी, इंद्रजीत पासवान, विनोद पासवान, मनोज पासवान, नौशाद अंसारी, भगवान दास, बादल कुमार, अशोक पासवान, महेंद्र महतो, रामजी पासवान, वसी अहमद, राकेश महतो, सुबोध गोराई, ऋषि कुमार, संजीव पासवान, बिट्टू कुमार, सुनील कुमार, प्रदीप रवानी, बाबू अली, साकिब, राजा, मकसूद, अफजल, रिजवान अंसारी, नीरज पासवान, कुंदन पासवान, सूरज पासवान, साजन पासवान सहित बड़ी संख्या में मजदूर साथी उपस्थित थे।



