

























































सुचिता, साहित्य और राष्ट्रवाद का अद्भुत संगम के नायक थे अटलजी : अन्नपूर्णा देवी

डीजे न्यूज, धनबाद: जगजीवन नगर मैदान में मंगलवार को धनबाद विधानसभा स्तरीय अटल स्मृति दिवस सह सुशासन दिवस सम्मेलन का आयोजन किया गया। अतिथियों ने युग पुरुष भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
उसके पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् गाया गया।
भारत सरकार की महिला एवं विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने संबोधित करते हुए कहा कि, आज हम सब युगद्रष्टा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी को याद करने और उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए यहां उपस्थित हुए हैं ।भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष और हम सभी के मार्गदर्शक अटल जी का व्यक्तित्व एक ऐसी त्रिवेणी था जिसमें राजनीति की सुचिता साहित्य की कोमलता और राष्ट्रवाद की प्रखरता का अद्भुत संगम दिखाई देता है । उनका ओजस्वी जीवन भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों और आदर्शों की एक जीवन गाथा है। झारखंड की मिट्टी का कण कण अटल जी का ऋणी है। वर्ष 2000 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने झारखंड राज्य का गठन किया तब उन्होंने कहा था यह राज्य की संघर्षील जनता को सम्मान देने का संकल्प है ।25 वर्षों की इस यात्रा पर पीछे मुड़कर देखे तो यह साफ दिखाई देता है कि भाजपा ने झारखंड को पहचान से प्रगति और संघर्ष से सफलता तक की यात्रा का मार्ग दिखाया ।यह अटल जी की ही दृष्टि थी जिसे समझा कि जनभावनाओं को मुख्य धारा से जोड़कर ही राष्ट्र का विकास संभव है ।इसलिए उन्होंने जनजातीय समाज के कल्याण के लिए अलग से जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना भी की ताकि नीति निर्माण के केंद्र में सभी के हक सुरक्षित रहें ।आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री इस अटल विरासत को पूरी मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं ।उनके मार्गदर्शन में भारत आर्थिक सुधार सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय गौरव की नई यात्रा पर है। श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने अटल जी के सुशासन गुड गवर्नेंस के विजन को समर्पित कई महत्वपूर्ण नीतियां और योजनाएं संचालित की है। सरकार ने अटल जी की जयंती पर 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रुप में घोषित किया जो पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक है ।उनको समर्पित प्रमुख योजनाओं में अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बुढ़ापेट में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है जबकि अटल भूजल योजना का लक्ष्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से गिरते जल स्तर को सुधारना है। इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल इनोवेशन मिशन और स्कूलों में अटल टिकरींग लैब्स की स्थापना की गई है। ताकि युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त AMRUT योजना ( अटल मिशन फॉर रिजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन )के जरिए शहरों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है. इसी 25 दिसंबर को लखनऊ में “राष्ट्र प्रेरणा स्थल” का उद्घाटन उनकी स्मृतियों और आदर्शों को जीवंत रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है. पोखरण का परमाणु परीक्षण हो या देश भर को जोड़ने वाली स्वर्णिम चतुर्भुज योजना अटल जी के निर्णय ने भारत की सुरक्षा आत्म सम्मान और इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई दी ।उन्होंने भारत को यह आत्मविश्वास दिया कि यह देश अब अपनी शर्तों पर दुनिया से बात करेगा। शांति के लिए भी और सुरक्षा के लिए भी ।अटल जी ने जो नींव रखी थी आज मोदी जी उस पर विकसित भारत की भव्य इमारत खड़ी कर रहे हैं ।अटल जी राष्ट्रीय एकता और मानवता की जीवंत मिसाल थे ।उनके लिए विकास का अर्थ था ऐसा राष्ट्र का निर्माण जिसमें अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी स्वयं को सहभागी महसूस करें।
युगपुरुष भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचारों, राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को विस्तार से रखा तथा कहा कि अटल जी का जीवन आज भी प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत है।
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि, धनबाद से अटल जी की कई यादें जुड़ी हुई है। भारतवर्ष विश्व का सिरमौर बने अटल जी का सपना था जो आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आगे बढ़ा रहे हैं। श्रद्धेय जयप्रकाश नारायण ने कहा था अटल जी की जिह्वा में सरस्वती वास करती है। संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देकर उन्होंने भारतीय संस्कृति का परचम विश्व पटल पर लहराया। वे अजातशत्रु कहे जाने वाले नेता थे जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और सर्वसम्मति से शासन करने की परंपरा को मजबूत किया। एक पत्रकार से राजनेता बने अटल जी की सादगी दृढ़ संकल्प और कदम मिलाकर चलना होगा जैसे आदर्श आज भी युवाओं और देशवासियों को प्रेरणा देते हैं।
आज के सुशासन दिवस सम्मेलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष श्रवण राय ने संचालन जिला महामंत्री मानस प्रसून ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र हांसदा ने किया।
सम्मेलन में तीन हजार से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही, जिसमें महिलाओं की संख्या विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। भाजपा धनबाद जिला महानगर अध्यक्ष श्रवण राय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि,यह जनसैलाब संगठन की मजबूती और अटल जी के विचारों के प्रति जन-आस्था को दर्शाता है। अटल जी पत्रकार के रूप में हो चाहे कवि या राजनीतिज्ञ पूरा देश उनका कायल था।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रसिद्ध कविताओं का सशक्त पाठ सुधा मिश्रा एवं शिल्पी घोष द्वारा मंच से किया गया, जिसे सुनकर पूरा पंडाल भावविभोर हो उठा। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने “अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहें” और “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।
सुशासन दिवस सम्मेलन को संबोधित करने वालों में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव अग्रवाल ,प्रदेश कार्यसमिति समिति सदस्य रमेश राही, प्रियंका पाल,भाजयुमो प्रदेश महामंत्री रुपेश सिन्हा आदी थे। मुख्य रूप से उपस्थित लोगों में जिला मंत्री रीता यादव, पंकज सिन्हा उर्फ कुमार अमित, अभिमन्यु कुमार, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष विभा रानी सिंह, ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम रंजन, मंडल अध्यक्ष बसंती सिंह, गौतम चौधरी, रंजय सिंह, हुल्लास दास, मनोज गुप्ता, सन्नी रवानी, इंद्रभूषण कुशवाहा, राजाराम दत्ता, जिला मंत्री प्रियंका देवी, अरुण राय,पूर्व जिला महामंत्री रवि सिन्हा, बिंदेश्वरी दुबे, अमरजीत कुमार, भृगुनाथ भगत, सुमन सिंह, किशोर मंडल, मौसम सिंह, संजय कुशवाहा, मोहन, दीपक सिंह, शंभू सिंह, भोला पांडेय, इंद्रकांत झा, मुकेश सिंह, अमित सिंह, रंजीत सिंह बिल्लू, उचित महतो, सत्येंद्र मिश्रा सहित हजारों महिला एवं पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
अंत में सम्मेलन सफल आयोजन के साथ अटल जी के आदर्शों को आत्मसात करने और सुशासन के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश देकर संपन्न हुआ।



