

























































गोविंदपुर क्षेत्रीय कार्यालय पर धकोकसं का धरना शुरू

राष्ट्र की संपत्ति कोयले की सुरक्षा और लंबित मजदूर समस्याओं के निराकरण की है मांग
डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद): धनबाद कोलयरी कर्मचारी संघ ने राष्ट्र की संपत्ति कोयला की सुरक्षा और लंबित मजदूर समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को गोविंदपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। सुबह 11 बजे सैकड़ों श्रमिक झंडा-बैनर के साथ जुलूस निकालते हुए क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे और धरना पर बैठ गए। इस दौरान श्रमिकों ने प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और 74 सूत्रीय मांगपत्र के सभी बिंदुओं का तत्काल निराकरण करने की मांग की। संघ का आरोप है कि कंपनी आर्थिक संकट का ठीकरा मजदूरों पर फोड़ रही है। जबकि कोयले की सुरक्षा हेतु सीआईएसएफ की तैनाती पर हर माह करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं और प्रशासन को गश्ती मोटरसाइकिल, ट्रैफिक बैरिकेड्स सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में कोयला चोरी और अवैध उत्खनन जारी है, जिससे विभागीय कोयला बिक नहीं पा रहा।
संघ की प्रमुख मांगों में राष्ट्र की संपत्ति कोयले की सुरक्षा हेतु ठोस कदम, सभी कोलियरियों में प्रवेश एवं निकासी द्वार निर्धारित,गोविंदपुर क्षेत्र में अवैध विद्युत कनेक्शनों पर रोक श्रमिकों का रविवारीय एवं हॉलिडे कार्य कटौती बंद, तिलाटांड़ कॉलोनी में पेयजल की व्यवस्था, श्रमिक कॉलोनियों में सफाई एवं आवास मरम्मत, जुलाई 2025 से यूनिफॉर्म धुलाई भत्ता का भुगतान, नए पहचान पत्र (आई-कार्ड) जारी किया जाय,
जोगीडीह भूमिगत खदान का शीघ्र संचालन आदि शामिल है। धरना स्थल पर कार्यकारी अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री सुशील कुमार सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री नुनुमनी सिंह, क्षेत्रीय सह सचिव दिलीप कुमार सिंह और क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सुरेश यादव, फूलचंद्र दसौंधी, गजेन्द्र कुमार, गायत्री देवी, तेजलाल प्रसाद, चंद्रशेखर महतो, बिजय सिंह, रखाल रजवार, गुल्लू प्रसाद, श्याम कुमार यादव, बडाबाबू तिवारी, मुनिलाल राणा, संजय कुमार, विजय सिंह, सुभम तिवारी, मंतोष तिवारी, जोगेंद्र नोनियाँ, अभिषेक यादव, शैलेश तिवारी, लालबाबू सिंह, धनेश्वर बधाई, कलावती देवी, उमा देवी, पवन कुमार लोद, कुमार नंदगोपाल, जितेंद्र मिश्रा, देवाशीष दसौंधी, प्रकास झा, रामबचन पासवान, अमृतलाल लोध समेत बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए।



