मृतक के परिजन को मुआवजा नहीं मिला तो पूरे बीसीसीएल का चक्का जाम करेंगे : अभिषेक सिंह

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मृतक के परिजन को मुआवजा नहीं मिला तो पूरे बीसीसीएल का चक्का जाम करेंगे : अभिषेक सिंह
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : भौंरा 16 नंबर निवासी चतुर हांडी की मौत के प्रकरण में करीब 40 घंटे बीत जाने के बाद भी समाधान नहीं निकलने पर शनिवार सुबह जनता मजदूर संघ के महामंत्री अभिषेक सिंह उर्फ गुड्डू सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे लोगों से मुलाकात कर अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा की तथा मृतक चतुर हांडी के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिषेक सिंह ने कहा कि घटना गुरुवार को घटित हुई थी और शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद से मृतक के परिजन एवं आम लोग शव के साथ धरना पर बैठे हुए हैं, लेकिन क्षेत्र के अधिकारियों द्वारा अब तक पीड़ित परिवार की कोई सुध नहीं ली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन पूरी तरह संवेदनहीन हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो पूरे पूर्वी झरिया क्षेत्र के आउटसोर्सिंग पैच और कोल ट्रांसपोर्टिंग को बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पूरे बीसीसीएल का चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रबंधन को हर हाल में मृतक के परिजन को मुआवजा देना होगा।
अभिषेक सिंह ने झरिया विधायक पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पूरे झरिया क्षेत्र को जंगलराज बना दिया है। क्षेत्र में खुलेआम लूट-खसोट हो रही है और लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधायक का काम समस्याओं का समाधान करना होता है, लेकिन उन्हें झरिया की आम जनता से कोई लेना-देना नहीं है।
दूसरी ओर शनिवार शाम को झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह एवं झरिया विधायक रागिनी सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान संजीव सिंह ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि दो घंटे के अंदर समस्या का उचित निराकरण किया जाए, अन्यथा क्षेत्र से एक छटाक कोयला भी बाहर नहीं जाएगा और न ही कोयला खनन हो सकेगा।
मौके पर संतोष सिंह, अभिषेक पांडे, उमेश यादव, सन्नी सिंह, सोनू सिंह, अमर रवानी, जमसंघ बच्चा गुट के सुबोध सिंह, मृणाल सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे। वहीं प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक टूनेश्वर पासवान एवं पीओ बीके पांडे मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को 16 नंबर ग्राउंड में आउटसोर्सिंग के दौरान पेलोडर से समतलीकरण कार्य के समय चतुर हांडी के पैर पर चक्का चढ़ गया था, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। देर रात धनबाद के एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से आक्रोशित परिजनों एवं स्थानीय लोगों ने पूर्वी झरिया क्षेत्र के भौंरा सी-2 पेंच का कोल उत्पादन, ओबी निकासी तथा भौंरा और सुदामडीह से होने वाली कोल ट्रांसपोर्टिंग बंद कर रखी है। मृतक के आश्रित को मुआवजा एवं एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। समाचार लिखे जाने तक प्रबंधन और परिजनों के बीच वार्ता चल रही थी।

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