वाजपेयी की प्रस्तावित प्रतिमा स्थल को प्रशासन ने बीच रात में जेसीबी से किया समतल

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वाजपेयी की प्रस्तावित प्रतिमा स्थल को प्रशासन ने बीच रात में जेसीबी से किया समतल

सरिया में प्रशासन की कार्रवाई पर सियासी घमासान, विधायक-प्रशासन आमने-सामने

डीजे न्यूज, सरिया(गिरिडीह) : सरिया थाना क्षेत्र के केशवारी चौक में देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती मनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव का रूप लेता जा रहा है। गुरुवार को बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो और प्रशासन के बीच हुई नोंकझोंक के बाद शुक्रवार को मामला और तूल पकड़ गया, जब प्रशासन द्वारा देर रात अर्धनिर्मित चबूतरे को हटाए जाने की कार्रवाई पर भाजपा समर्थकों में आक्रोश देखने को मिला।

बताया जाता है कि केशवारी चौक पर दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर एक अर्धनिर्मित चबूतरा बनाया गया था। इसी स्थल पर दूसरे पक्ष द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। इस मामले को लेकर अनुमंडल दंडाधिकारी सरिया के न्यायालय में एक वाद भी चल रहा है। क्षेत्र में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनज़र अनुमंडल दंडाधिकारी के ज्ञांपांक संख्या 455, दिनांक 24 दिसंबर के आलोक में उक्त स्थल पर निषेधाज्ञा लागू की गई थी।

इसी क्रम में गुरुवार की आधी रात, करीब 1 से 2 बजे के बीच प्रशासन द्वारा जेसीबी की मदद से उस अर्धनिर्मित चबूतरे और बेरिकेटिंग को उखाड़कर समतल कर दिया गया। प्रशासन की इस देर रात की कार्रवाई को लेकर भाजपा समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। समर्थकों ने इसे रात के अंधेरे में की गई कायरतापूर्ण कार्रवाई करार दिया है और प्रशासन के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी की बात कही है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा क्षेत्र में शांति व्यवस्था के नाम पर निषेधाज्ञा लगाई जाती है, जो आम लोगों के साथ-साथ अधिकारियों पर भी लागू होती है। ऐसे में स्वयं प्रशासन द्वारा इस निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया जाना निंदनीय है। नेताओं ने इस मामले को झारखंड उच्च न्यायालय तक ले जाने की बात भी कही है।

वहीं, गुरुवार और शुक्रवार को हुई घटनाओं को लेकर अनुमंडल दंडाधिकारी संतोष गुप्ता ने कहा कि प्रशासन द्वारा कोई भी अवैध कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त अर्धनिर्मित चबूतरा सड़क के बीचोंबीच बना हुआ था, जिसके लिए किसी भी विभाग से कोई आदेश नहीं लिया गया था। चौक के बीचोंबीच होने के कारण वह जानलेवा एवं खतरनाक साबित हो सकता था। इसी वजह से प्रशासन द्वारा उसे हटाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि शांति व्यवस्था को लेकर अभी भी निषेधाज्ञा लागू है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बगोदर के विधायक नागेन्द्र महतो ने कहा कि प्रशासन ने रात के अंधेरे में कायरतापूर्ण कार्रवाई की है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी अधिकारियों के विरुद्ध जोरदार आंदोलन किया जाएगा और उसी चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न एवं झारखंड राज्य के जनक स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। विधायक ने आगे कहा कि विगत कई वर्षों से उसी चौक पर अटल जी की जयंती मनाई जाती रही है, लेकिन प्रशासन लोगों को आपस में उलझाकर क्षेत्र को अशांत करने का काम कर रहा है।

दूसरे दिन भी प्रशासन रहा चौकस

केशवारी की घटना को लेकर शुक्रवार को दूसरे दिन भी प्रशासन अपना नजर बनाए हुए रहा। विधि व्यवस्था को ले काफी संख्या सुरक्षा बल एंव अनुमंडल दंडाधिकारी संतोष गुप्ता, एसडीपीओ धनंजय राम,बीडीओ ललितनारायण तिवारी, इंस्पेक्टर अजय सिन्हा, थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। विवादित स्थल पर ड्रोन कैमरा व वीडियोग्राफी द्वारा नजर बनाए हुए थे।

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