पेसा नियमावली कैबिनेट में पास होने पर झामुमो ने गिरिडीह में मनाया जश्न 

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पेसा नियमावली कैबिनेट में पास होने पर झामुमो ने गिरिडीह में मनाया जश्न 

आभार यात्रा निकालकर हेमंत सरकार को दिया धन्यवाद

स्वशासन का सपना होगा पूरा : संजय सिंह 

डीजे न्यूज, गिरिडीह : झारखंड कैबिनेट में पेसा नियमावली पास होने पर गिरिडीह में झामुमो ने शुक्रवार को जश्न मनाया। साथ ही आभार यात्रा निकालकर हेमंत सरकार को धन्यवाद दिया। इस खुशी में झामुमो जिला कार्यालय में मिठाइयां बांटी गई। वहाँ से ढोल-नगाड़े व झंडा बैनर के साथ टावर चौक तक आभार यात्रा निकालकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके कैबिनेट के सहयोगियों को धन्यवाद दिया गया। इस अवसर पर झामुमो जिला कार्यालय में लोगों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि झारखंड के अनुसूचित जिलों में आदिवासी स्वशासन व्यवस्था की पुरानी मांग थी जिसे हेमंत सोरेन सरकार ने पूरा कर दिया। झारखंड अलग राज्य होने के 25 साल बाद यह सपना पूरा हो सका। पिछली सरकारें आदिवासियों को अधिकार देने से कतराती रही। उन्होंने कहा कि पेसा कानून लागू होने से आदिवासी इलाकों में गरीबी, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याओं का निराकरण होगा। ग्राम सभा सशक्त होगा और ग्राम सभा का सरकारी योजनाओं के लाभार्थी चयन और क्रियान्वयन में मुख्य भूमिका होगी। बालू घाट, पत्थर, वन उत्पाद, जल स्रोत और सामुदायिक संसाधनों पर ग्राम सभा का अधिकार होगा। जिला सचिव महालाल सोरेन ने कहा कि पेसा कानून लागू होने से आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के पारम्परिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे। केन्द्रीय कमेटी के सदस्य सह बेंगाबाद प्रखंड अध्यक्ष नुनूराम किस्कू उर्फ टाइगर ने कहा कि वर्षों पुरानी आदिवासी समाज की मांग पूरी होने से पूरे झारखंड में जश्न का माहौल है।

जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि गाँव मजबूत होगा तभी राज्य और देश मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि पेसा लागू होने से खनन, वन और बाजार से होने वाली आय गांव को मिलेगा। मौके पर महानगर अध्यक्ष राकी सिंह, सुनील यादव, राकेश कुमार सिंह, मोनू सिंह, दिलीप रजक, भैरो वर्मा, अजयकांत झा, सोमर मरांडी, हरिमोहन कंधवे, दारा हाजरा, अभय सिंह, प्रमिला मेहरा, सुमित कुमार, मुकेश कुमार, प्रधान मुर्मू, रंजीत राम, रोजन अंसारी, अशोक राम, जाकिर हुसैन, राकेश रंजन, सचिन शर्मा, संजय वर्मा, चांद रसीद अंसारी, सईद अख्तर, मुकेश रजक, कासीम अंसारी, मजीद अंसारी, रमेश हांसद, सनातन चौडे, बीरालाल चौडे, चांद मल मरांडी, जीतन सोरेन, अजय रजक, इम्तियाज अंसारी, नुरूल हौदा, बहादुर कुशवाहा, बढन वर्मा, मांझी प्राणिक, जोग मांझी, नायकी, पीर परगणा रमेश मुर्मू, जोगो परगणा महालाल मेम्बम, तोलहाट परगणा लोगन हेम्ब्रम सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

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