
























































झारखंड में खेल की अपार संभावनाएं : राज्यपाल 

सर्वश्रेष्ठ विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर जगन्नाथपुर जमशेदपुर को ओवरऑल चैंपियनशिप तथा महेंद्र मुनी सरस्वती विद्या मंदिर मधुपुर के सुजीत टुडू को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का मिला पुरस्कार
विद्या विकास समिति के प्रांतीय खेलकूद समारोह का टुंडी में भव्य समापन
संजीत तिवारी, टुंडी(धनबाद) : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि झारखंड को तीरंदाजी की धरती कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज दीपिका कुमारी इसी झारखंड की बेटी है। तीरंदाजी की अंतरराष्ट्रीय कोच पूर्णिमा महतो भी इसी झारखंड की पुत्री हैं। झारखंड की बेटी सलीम टेटे और निक्की प्रधान ने हॉकी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई हैं। यह खुशी की बात है कि सलीमा टेटे भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तान हैं। झारखंड में खेल की अपार संभावनाएं हैं और यहां की धरती खेल प्रतिभाओं से समृद्ध है। वह शनिवार को विद्या भारती से संबद्ध विद्या विकास समिति झारखंड द्वारा स्वरूप सरस्वती विद्या मंदिर रतनपुर टुंडी में आयोजित तीन दिवसीय 36 वे प्रांतीय खेलकूद समारोह (शिशु वर्ग) 2025 के समापन समारोह को मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने टुंडी जैसे सुदूर इलाके में प्रांतीय स्तर के आयोजन के लिए विद्या विकास समिति की सराहना की। कहा कि खेल से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास होता है। खेल अनुशासन का भी पाठ पढ़ाता है। हारने के बाद भी खिलाड़ी हतोत्साहित नहीं होते और विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं और जीतने के बाद भी अनुशासित रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 2025 की नई खेल नीति से पूरे देश में खेलों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। शहर से लेकर सुदूर गांव के विद्यार्थी एवं युवा खेलों मे आगे बढ़ रहे हैं। राजपाल ने 35 अंक हासिल करने वाले सर्वश्रेष्ठ विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर जगन्नाथपुर जमशेदपुर को ओवरऑल चैंपियनशिप का पुरस्कार दिया जबकि महेंद्र मुनी सरस्वती विद्या मंदिर मधुपुर के सुजीत टुडू को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार प्रदान किया। महामहिम ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों में बच्चों को संस्कार युक्त शिक्षा दी जा रही है और विद्या विकास समिति की झारखंड के अधिकांश विद्यालयों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के बहुतायत बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों को खेलकूद तथा गैर शैक्षणिक विधाओं में भी पारंगत किया जा रहा है। इसके लिए विद्या विकास समिति के पदाधिकारी को धन्यवाद दिया। राजपाल नहीं सोशल पर विद्यालय में पौधे लगाए तथा पुस्तकालय का उद्घाटन किया महामहिम राज्यपाल एवं अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक विक्रांत उपाध्याय तथा कार्यक्रम का संचालन विद्या विकास समिति के नीरज लाल ने किया। स्वरूप सरस्वती विद्या मंदिर के अध्यक्ष शरद दुदानी ने आभार प्रकट किया तथा महामहिम का अभिनंदन अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर किया। इस अवसर पर उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, विद्या विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष नकुल कुमार शर्मा, विद्या मंदिर के सचिव शैलेश दुदानी मंचासीन थे। तीन दिवसीय खेलकूद में करीब 600 भैया बहनों ने भाग लिया। कार्यक्रम में समिति के शारीरिक प्रमुख नवीन कुमार मंडल, विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य अनादि मंडल, सुरेश मंडल, तारा देवी, विक्रम पांडेय, दिनेश सिंह, डीएन सिंह, किशन अग्रवाल, संजीव मिश्रा, मनोज मिश्रा, बलराम साव, सुभाष रिटोलिया, दिलीप पांडेय, जितेंद्र सिंह, प्रकाश बाउरी समेत दर्जनों लोग शामिल थे। राज्यपाल के आगमन को लेकर गोविंदपुर से लेकर विद्या मंदिर तक विभिन्न स्थानों पर पुलिस और दंडाधिकारी की प्रति नियुक्ति की गई थी। सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था थी। विद्यालय के अंदर भी दंडाधिकारी प्रति नियुक्त किए गए थे।
समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बच्चों को नसीहत दी कि वे मोबाइल की लत से बचें। छोटे बच्चों को मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अभिभावक भी सचेत रहें और छोटे बच्चों को मोबाइल से दूर रखें।



