मृतक कर्मी के आश्रित को नियोजन की मांग पर भूख हड़ताल आश्वासन के बाद समाप्त

Advertisements

मृतक कर्मी के आश्रित को नियोजन की मांग पर भूख हड़ताल आश्वासन के बाद समाप्त
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : मृतक कर्मी के आश्रित को नियोजन देने की मांग को लेकर बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के नेतृत्व में मंगलवार को केओसीपी परियोजना कार्यालय के समीप परिवार के साथ भूख हड़ताल की शुरुआत की गई। इस आंदोलन में सीमा कुमारी, विनोद कुमार भुइया, शंकर हेंब्रम एवं गोपाल कुमार पासवान शामिल रहे। आंदोलन की शुरुआत यूनियन के सचिव तुलसी रवानी एवं भाकपा माले के केंद्रीय सचिव बिंदा पासवान ने सभी आंदोलनकारियों को माला पहनाकर की।
इस दौरान नेताओं ने बताया कि विधायक अरूप चटर्जी के आदेशानुसार यह आंदोलन प्रारंभ किया गया है। उनका आरोप है कि एक साजिश के तहत प्रबंधन द्वारा मृतक के आश्रितों को नियोजन से वंचित रखा जा रहा है। विशेष रूप से सीमा कुमारी के मामले में बताया गया कि उन्होंने परियोजना में करीब 18 महीने तक काम किया, इसके बाद उम्र अधिक होने का आरोप लगाकर उन्हें काम से हटा दिया गया। सीमा के पिता परियोजना कार्यालय में कार्यरत थे, जिनकी मृत्यु 30 जून 2023 को कार्य के दौरान हो गई थी। इसके बाद सीमा को प्रोविजनल जॉइनिंग दी गई, लेकिन बाद में उन्हें कार्य से हटा दिया गया। यूनियन नेताओं ने कहा कि पूर्व में आंदोलन के दौरान प्रबंधन द्वारा नियोजन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक उसे लागू नहीं किया गया। इसी कारण दोबारा आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियोजन नहीं दिया गया तो सात दिनों तक कार्मिक भूख हड़ताल चलायी जाएगी, इसके बाद एरिया 9 एवं 10 का चक्का जाम किया जाएगा। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन जानबूझकर हरिजन एवं आदिवासी परिवारों को परेशान कर रहा है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं सीमा कुमारी ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब है और समझ से परे है कि प्रबंधन उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है। इस दौरान उनकी माता अंजना बाउरी भी मौके पर मौजूद रहीं। आंदोलन के दौरान प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। मौके पर राजेंद्र पासवान, देव रंजन दास, सुभाष कुमार, निर्मल बाउरी, नीति माजी, रोहन भुइया, कामता पासवान, शिव बालक पासवान, प्रदीप रवानी सहित कई लोग उपस्थित थे।
इधर, देर शाम कोयला भवन के अधिकारी ए.के. मित्रा मौके पर पहुंचे और एक महीने के भीतर सभी को नियोजन देने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद यूनियन की ओर से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top