



अंबेडकर के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हुए विद्यालय में मनाया गया महापरिनिर्वाण दिवस

डीजे न्यूज, हुसैनाबाद, पलामू: राजकीयकृत मध्य विद्यालय हुसैनाबाद में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। विद्यालय परिसर में डॉ. अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन, संघर्ष और योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि डॉ. अंबेडकर माता–पिता की चौदहवीं संतान थे और विपरीत सामाजिक परिस्थितियों में रहते हुए भी उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की। वे 9 भाषाओं के ज्ञाता तथा 32 डिग्रियों से विभूषित एक विलक्षण प्रतिभा थे। देश की आज़ादी के मात्र 14 दिन बाद उन्हें संविधान के प्रारूप समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 2 वर्ष 11 महीने 18 दिनों में भारतीय संविधान तैयार हुआ।

कानून की गहरी समझ के कारण वे देश के प्रथम कानून मंत्री बने। अर्थशास्त्र में उच्च अध्ययन के लिए विदेश गए और वहां भी अपने ज्ञान का परचम लहराया। नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने भी उनकी विद्वता को आदरपूर्वक स्वीकारते हुए उन्हें ‘अर्थशास्त्र का पिता’ माना है।
कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर द्वारा श्रमिकों के लिए 8 घंटे कार्य अवधि लागू करवाने, वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा और आरक्षण की व्यवस्था के लिए किए गए संघर्षों को विस्तार से बताया गया। उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को ‘महार’ जाति में हुआ था जहां उन्हें सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा, परन्तु इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।
मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनके विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया और इसे सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
कार्यक्रम में निबंध, भाषण, चित्रांकन और क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं तथा समापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एच.एम. कन्हैया प्रसाद, राजेश कुमार गुप्ता, मुहम्मद जुबैर अंसारी, राजेश कुमार सिंहा, तथा शिक्षिकाएं सुषमा पांडेय, आशा कुमारी, पूनम कुमारी, रश्मि प्रकाश और कंप्यूटर शिक्षक प्रमोद कुमार मेहता उपस्थित थे।



