



रोपवे के प्लेटफार्म में फंसा लोहा तस्कर, मौत,

दो अन्य जख्मी, शव निकालने की प्रक्रिया जारी, सुदामडीह थाना क्षेत्र का मामला
डीजे न्यूज, झरिया(धनबाद): सुदामडीह थाना क्षेत्र के न्यू माइंस रेलवे फाटक ओबी डंपिंग के समीप सोमवार की रात करीब दो बजे लोहा चोरों के एक गिरोह ने सेल के बंद रोपवे का लोहा काटने के लिए चढ़ गया। ज्यों ही एक चैनल को काटा तभी अचानक रोपवे के प्लेटफार्म के चपेट में आने से पवन पासवान (बनियाहीर सात नंबर) की मौत उसमें फंसने से हो गई । घटना में दो अन्य तस्कर जख्मी हो ग ए। जख्मियों को इलाज के लिए फुसबंगला में भर्ती कराया गया है। इधर आनन फानन में लोहा तस्कर शव को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शव रोपवे के प्लेट फार्म में बुरी तरह से फंस गया है। लोहा कटिंग के लिए आए दर्जन भर से अधिक लोहा चोरों में भगदड़ मच गई । मंगलवार अहले सुबह घटना की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ वहां जुट ग ई। जोड़ापोखर अंचल निरीक्षक व सुदामडीह पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। सुदामडीह पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पुछताछ की। रोपवे के प्लेट फार्म में फंसे मृत युवक को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया।
मंगलवार की देर रात तक मृतक का शव नहीं निकाला जा सका है। मृत युवक के परिजन घटनास्थल पर पहुंच युवक को रोपवे से निकालने और शव को परिजनों को सौंपने की मांग कर रहे हैं । वहीं घटनास्थल पर सुदामडीह पुलिस के अलावा, पाथरडीह, भौरा ओपी पुलिस के साथ जोडापोखर इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार जमे हुए हैं। वही शव को निकलने के लिए सेल अधिकारियों की सहायता लेने के साथ फायर ब्रिगेड व एक हेटत्रा मंगाया गया है।
स्थानीय लोगो ने बताया कि चार पांच दिनों से उक्त स्थल से रोपवे का लोहा काटने के लिए बनियाहीर से युवकों को बुलाया जा रहा था और रोपवे का लोहा काटा जा रहा था। इस कार्य में दर्जन भर से अधिक युवक शामिल थे।
घटना के संबंध में मृतक की बहन व परिजनों ने चासनाला थाना क्षेत्र में स्थित अवैध लोहा गोदाम संचालक राजू खान नामक एक व्यक्ति पर आरोप लगाते हुए कहा कि सोमवार की रात्रि राजू खान अपने कुछ साथियों के साथ हमारे घर आया था और एक काम है बोल कर मेरे भाई को लेकर गया। भाई से ऐसा काम करायेगा हम लोगो को नहीं पता था और मौत का जिम्मेवार राजू खान है।
इधर लोगो का कहना है कि प्लेट फार्म करीब 50 फीट से ज्यादा लंबा है । अगर प्लेट फार्म गिर जाता और इसको सहारा देने वाला टाना व टावर टूट जाता तो सैकड़ो रोपवे का पोल धाराशायी हो सकता था और एक बड़ी घटना घट सकती थी।
