

























































डिगवाडीह मांझी बस्ती में वॉल्व लगाने पहुंची टीम का विरोध, पुलिस की मध्यस्थता से मामला सलटा
डीजे न्यूज, जोड़ापोखर(धनबाद): जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के डिगवाडीह मांझी बस्ती में जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए वॉल्व लगाने पहुंची झमाडा की टीम को मंगलवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। बस्ती के लोग दो गुटों में बंट गए और स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। मामला बिगड़ते देख झमाडा अधिकारियों को पुलिस बुलानी पड़ी, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई और काम शुरू कराया गया।
डिगवाडीह मांझी बस्ती में लंबे समय से पानी की किल्लत की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय उपभोक्ताओं के साथ-साथ पानी-बिजली उपभोक्ता मंच द्वारा भी लगातार शिकायत किया जा रहा था। जब यह मामला झरिया विधायक रागिनी सिंह के संज्ञान में आया तो उनके निर्देश पर दिशा सदस्य राज कुमार जेना ने समाधान के प्रयास तेज कर दिए।
झमाडा के अधिकारियों ने पाया कि यदि बस्ती के कुछ बिंदुओं पर कंट्रोल वॉल्व लगाया जाए तो ऊँचाई वाले इलाकों तक भी पानी पहुँच सकता है। इसी योजना के तहत आज झमाडा के अनमोल गुप्ता जेएमसी टीम के साथ वॉल्व लगाने पहुँचे थे। लेकिन जैसे ही टीम कार्य शुरू करने लगी, कुछ लोगों ने इसका विरोध कर हंगामा खड़ा कर दिया। तत्काल जोड़ापोखर पुलिस मौके पर पहुँची और विरोध कर रहे लोगों को हटाकर स्थिति नियंत्रित की।
वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही पानी-बिजली उपभोक्ता मंच के शुभाशीष रॉय और दिशा सदस्य राज किशोर जेना भी बस्ती पहुँचे। उन्होंने समझा कर लोगों को शांत कराया। बाद में झमाडा के एसडीओ सचिन झा भी वहां पहुँचे और जलापूर्ति सुधार कार्य फिर से शुरू कराया।
इधर पानी-बिजली उपभोक्ता मंच के शुभाशीष रॉय ने डिगवाडीह मांझी बस्ती में वॉल्व लगाने की योजना को महज दिखावा करार दिया है। उन्होंने कहा कि पानी की समस्या केवल मांझी बस्ती तक सीमित नहीं है। बनियाहीर, भागा शिवाजी नगर, सुंदरपुर-सुंदरनगर, जियलगोरा, बरारी मोड़, डिगवाडीह बालू लाइन समेत कई इलाकों में भी पानी की किल्लत बनी हुई है। फिर सिर्फ मांझी बस्ती में वॉल्व लगाने का क्या औचित्य है, वह भी पाँच-पाँच।
उन्होंने कहा कि पानी की समस्या का मुख्य कारण दामोदर स्थित जल संयंत्र से पर्याप्त प्रेशर के साथ पानी नहीं छोड़ा जाना है। अठारह इंच मोटी मुख्य पाइप में प्रेशर नहीं पहुँचने से वह भरती नहीं है, जिससे ऊँचाई वाले क्षेत्रों के उपभोक्ता पानी के लिए तरसते रहते हैं। ऐसे में दो ही समाधान हैं – या तो पूरे प्रेशर से पानी चलाया जाए या फिर डिगवाडीह बारह नंबर सिनेमा हॉल के पास मुख्य अठारह इंच पाइप में वॉल्व लगाकर समयानुसार खोला जाए। इस उपाय से फुसबंग्ला से लेकर डिगवाडीह बारह नंबर तक किसी भी इलाके में पानी की समस्या नहीं होगी।
इसके अलावा उन्होंने पूरे क्षेत्र में जगह-जगह पाइप लीकेज को बंद कराने की भी मांग की ताकि पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से हो सके और उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि वास्तविक समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना जरूरी है, न कि केवल दिखावटी योजनाओं से जनता को संतुष्ट करने का प्रयास।




