प्रखंड मास्टर ट्रेनर के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू

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प्रखंड मास्टर ट्रेनर के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू
डीजे न्यूज, धनबाद:
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के अन्तर्गत जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा “आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत गुरुवार को डीपीआरसी भवन में प्रखंड मास्टर ट्रेनर के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
जिला कल्याण पदाधिकारी नियाज़ अहमद तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी इंद्रलाल ओहदार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उदघाटन किया।
जिला कल्याण पदाधिकारी ने “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि जनजातीय बहुल ग्रामों के सर्वांगीण विकास हेतु 2 अक्टूबर 2024 को भगवान बिरसा के नाम पर प्रारंभ की गई योजना धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत झारखंड के 22 जिले के 224 प्रखंडों के 7100 गांव और धनबाद जिले के 9 प्रखंड के  कुल 196 ग्रामों को प्रथम चरण में चिन्हित किया गया है। संपूर्ण योजना के संवेदनशील क्रियान्वयन तथा सिंगल विंडो ग्रीवेंस रिड्रेसल आदि सेवा केंद्र के संचालन तथा ग्राम विकास विजन के निर्माण के लिए ओरिएण्टेशन के जरिये मिशन आदि कर्मयोगी का राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय तथा प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद चयनित सभी 196 ग्रामों में आदि साथियों की मदद से बॉटम अप अप्रोच के साथ सभी मूलभूत आवश्यकता जो व्यक्तिगत अथवा सामुदायिक प्रकृति की होंगी, उसको सुनिश्चित करने का विस्तृत प्लान बनाया जाना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत के जनजाति समुदाय के संपूर्ण उत्थान के लिए एक अति महत्वकांक्षी योजना है। इस अभियान के अंतर्गत वैसे ग्रामों का चयन किया गया है, जिनकी कुल जनसंख्या 500 से अधिक हो और उसमें अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या कुल जनसंख्या का 50 या उससे अधिक हो तथा एस्पिरेशनल ब्लाक कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले प्रखंड के वैसे ग्राम जहां पर जनजातियों की कुल संख्या 50 से अधिक हो। इस अभियान के अंतर्गत वर्तमान वर्ष को शामिल करते हुए वर्ष 2028-29 तक के कुल 5 वर्षों में 17 मंत्रालयों के 25 से अधिक महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों/योजनाओं का क्रियान्वयन सैचुरेशन मोड में किया जाना है, जिसमें अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, विद्युतीकरण, मोबाइल कनेक्टिविटी, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना अंतर्गत एलपीजी गैस कनेक्शन, आधार कार्ड निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण, समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत छात्रावास तथा क्लासरूम का निर्माण, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स ट्राइबल मार्केटिंग सेंटर्स का निर्माण वन अधिकार पट्टा से आच्छादित व्यक्तियों को कृषि पशुपालन मत्स्य पालन से जोड़ने सहित 25 से अधिक योजनाओं का सैचुरेशन मोड में विभिन्न विभागों के द्वारा क्रियान्वित किया जाना है।

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