

अभियान की सफलता को दिलाई गई शपथ
अभियान का हिस्सा बने और विकास यात्रा में पिछड़ रहे जनजातीय समुदाय के लिए अपनी भूमिका अदा करें :उपायुक्त

डीजे न्यूज, धनबाद: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के अन्तर्गत जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा “आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को समहरणालय के सभागार में किया गया। अध्यक्षता उपायुक्त आदित्य रंजन ने की।
जिला कल्याण पदाधिकारी नियाज अहमद ने “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के बारे में प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि जनजातीय बहुल ग्रामों के सर्वांगीण विकास हेतु 2 अक्टूबर 2024 को भगवान बिरसा के नाम पर प्रारंभ की गई योजना धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत झारखंड के 22 जिले के 224 प्रखंडों के 7100 गांव और धनबाद जिले के 9 प्रखंड के कुल 196 ग्रामों को प्रथम चरण में चिन्हित किया गया है। संपूर्ण योजना के संवेदनशील क्रियान्वयन तथा सिंगल विंडो ग्रीवेंस रिड्रेसल आदि सेवा केंद्र के संचालन तथा ग्राम विकास विजन के निर्माण के लिए ओरिएण्टेशन के जरिये मिशन आदि कर्मयोगी का राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय तथा प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद चयनित सभी 196 ग्रामों में आदि साथियों की मदद से बॉटम अप अप्रोच के साथ सभी मूलभूत आवश्यकता जो व्यक्तिगत अथवा सामुदायिक प्रकृति की होंगी, उसको सुनिश्चित करने का विस्तृत प्लान बनाया जाना है। बताया गया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भारत के जनजाति समुदाय के संपूर्ण उत्थान के लिए एक अति महत्वकांक्षी योजना है। इस अभियान के अंतर्गत वैसे ग्रामों का चयन किया गया है, जिनकी कुल जनसंख्या 500 से अधिक हो और उसमें अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या कुल जनसंख्या का 50 या उससे अधिक हो, तथा एस्पिरेशनल ब्लाक कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले प्रखंड के वैसे ग्राम जहां पर जनजातियों की कुल संख्या 50 से अधिक हो। इस अभियान के अंतर्गत वर्तमान वर्ष को शामिल करते हुए वर्ष 2028-29 तक के कुल 5 वर्षों में 17 मंत्रालयों के 25 से अधिक महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों/योजनाओं का क्रियान्वयन सैचुरेशन मोड में किया जाना है, जिसमें अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, विद्युतीकरण, मोबाइल कनेक्टिविटी, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना अंतर्गत एलपीजी गैस कनेक्शन, आधार कार्ड निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण, समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत छात्रावास तथा क्लासरूम का निर्माण, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स ट्राइबल मार्केटिंग सेंटर्स का निर्माण वन अधिकार पट्टा से आच्छादित व्यक्तियों को कृषि पशुपालन मत्स्य पालन से जोड़ने सहित 25 से अधिक योजनाओं का सैचुरेशन मोड में विभिन्न विभागों के द्वारा क्रियान्वित किया जाना है।
उपायुक्त ने जिला स्तर के उपस्थित सभी पदाधिकारियों को उक्त योजना के बारे में आवश्यक जानकारी दी एवं कार्यान्वयन के निदेश दिए।
इस अभियान के तहत गठित जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय समिति के कार्यों से भी लोगों को अवगत कराया गया। उपायुक्त ने जिला स्तरीय समिति को इस योजना के समयबद्ध क्रियान्वयन की सतत मॉनेटरिंग तथा गति शक्ति पोर्टल पर सभी योजनाओं का टारगेट आधारित प्रोग्रेस हेतु आंकड़ों का संधारण करने हेतु निदेशित किया । जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रखंड स्तरीय समिति का निर्माण करते हुए संबंधित विभागों के प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को शामिल कर प्रत्येक निर्धारित ग्राम में धरती आबा अभियान के गाइडलाइन के अनुसार ग्राम सभा आयोजित करते हुए एनालिसिस तैयार कर सभी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करने का निदेश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जिला स्तरीय सभी संबंधित विभागों का दायित्व होगा कि विभिन्न ग्रामों से प्राप्त विभिन्न योजनाओं का प्रस्ताव अलग-अलग धरती आबा अभियान अंतर्गत डीपीआर तैयार करते हुए राज्य मुख्यालय को क्रियान्वयन हेतु प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करेंगे।यदि किसी मार्केटिंग केंद्र अथवा छात्रावास अथवा किसी आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव प्राप्त होता है तो उसके निर्माण हेतु सरकारी भूमि का नियमानुसार चयन करते हुए संबंधित प्रखंड के अंचल अधिकारी भूमि प्रतिवेदन भेजना सुनिश्चित करेंगे।
कार्यक्रम में जिला आपूर्ति पदाधिकारी पंकज कुमार , पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश कुमार बाउरी, जिला खेल पदाधिकारी उमेश लोहरा आदि थे।
अभियान के सफल संचालन हेतु कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों के बीच शपथ दिलाई गई कि इस अभियान का हम सब हिस्सा बने और अपने जिले और समाज में आज तक विकास यात्रा में पिछड़ रहे अपने जनजातीय समुदाय के भाइयों के लिए दिल से इस योजना के क्रियान्वयन में अपनी भूमिका अदा करें।
