बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के महत्व से अवगत हुए ग्रामीण

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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के महत्व से अवगत हुए ग्रामीण
बेटियों को शिक्षा और सुरक्षा नहीं मिलेगी तो राष्ट्र का सशक्त भविष्य असंभव: डॉ. संजीव कुमार सिंह

डीजे न्यूज, गिरिडीह :
सुभाष शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, गिरिडीह के तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तहत आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन सोमवार को जोरबाद में चेतना विकास एवं जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने गांव की गलियों से होकर रैली निकाली और ग्रामीणों को “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान के महत्व से परिचित कराया।
डॉ. संजीव कुमार सिंह ने कहा कि बेटियाँ परिवार की शान और समाज की पहचान होती हैं। यदि उन्हें शिक्षा और सुरक्षा नहीं मिलेगी तो राष्ट्र का सशक्त भविष्य असंभव होगा। एनएसएस स्वयंसेवकों का दायित्व है कि वे समाज में इस सोच को फैलाएँ कि बेटी की शिक्षा ही प्रगति की कुंजी है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि शिक्षा ही वह साधन है जिससे बेटियाँ आत्मनिर्भर बन सकती हैं और समाज को नई दिशा दे सकती हैं।
बाल कल्याण समिति, जामताड़ा के पूर्व अध्यक्ष ऋतेश चंद्र ने बच्चों के अधिकार और सुरक्षा से संबंधित कानूनों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बी.एड. के विद्यार्थी भविष्य के शिक्षक हैं, इसलिए उन्हें पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी अवश्य होनी चाहिए ताकि वे समाज में बच्चों को जागरूक कर सकें।
शिविर के दौरान क्षेत्र भ्रमण भी किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान की संवेदनशीलता और इसके महत्व से अवगत कराया।
सफल बनाने में प्रो. राजकिशोर प्रसाद, प्रियेश कुमार और स्वयंसेवक अर्चना कुमारी, संजय पंडित, अभिमन्यु कुमार, विराट कुमार, मो. ताज, स्नेहा कुमारी, सुनैना हेंब्रम, नगमा परवीन, टेरेसा बास्के, गुड़िया कुमारी, मीना कुमारी, अनीता आदि का सक्रिय योगदान रहा।
मंगलवार को शिविर का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।

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