कबीर ज्ञान मंदिर ने पिछले साल 611 यूनिट रक्त संग्रह का बनाया था पूर्वी भारत का रिकॉर्ड

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कबीर ज्ञान मंदिर ने पिछले साल 611 यूनिट रक्त संग्रह का बनाया था पूर्वी भारत का रिकॉर्ड
दो सौ से अधिक महिलाओं ने रक्तदान कर कायम की थी नई मिसाल
डीजे न्यूज, गिरिडीह : “रक्तदान कोई साधारण दान नहीं, यह जीवनदान है” इसी पावन विचार को आत्मसात करते हुए गिरिडीह का श्री कबीर ज्ञान मंदिर आगामी 27 अगस्त को सद्‌गुरु माँ के जन्मोत्सव के अवसर पर वृहद रक्तदान महायज्ञ का आयोजन करने जा रहा है।
ज्ञातव्य है कि इससे पूर्व पिछले साल 7 सितम्बर को आयोजित रक्तदान महायज्ञ में 611 यूनिट रक्त संग्रह कर मंदिर ने झारखंड ही नहीं, पूरे पूर्वी भारत में एक दिवसीय रक्त संग्रह का रिकॉर्ड बनाया था। यह उपलब्धि किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी संस्था द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में सबसे बड़ी रही है। इस महायज्ञ की विशेषता यह रही कि कुल रक्तदाताओं में से 200 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान कर नई मिसाल कायम की थी। समाज में जहां पहले महिलाएं रक्तदान से संकोच करती थीं या हीमोग्लोबिन की कमी के कारण पीछे रह जाती थीं, वहीं सद्‌गुरु माँ के आह्वान ने इस सोच को बदला।
रक्तदान को बनाया ‘महायज्ञ’
सद्‌गुरु माँ ने इस पहल को महज रक्तदान नहीं बल्कि ‘रक्तदान महायज्ञ’ की संज्ञा दी है। उनका कहना है कि यह आयोजन केवल रक्तदान तक सीमित नहीं, बल्कि यह मानवता, करुणा और सेवा का उत्सव है। इसमें शामिल होने वाले रक्तदाता न केवल दूसरों की जिंदगी बचाते हैं, बल्कि खुद भी आत्मिक संतोष और आनंद का अनुभव करते हैं।
प्रेरणास्त्रोत बनीं सद्‌गुरु माँ
श्री कबीर ज्ञान मंदिर ट्रस्ट, सद्‌गुरु माँ के मार्गदर्शन में वर्षों से आध्यात्मिकता के साथ-साथ मानव सेवा और समाजोत्थान के कार्यों में सक्रिय रहा है। जरूरतमंदों की प्राणरक्षा हेतु जन्मोत्सव के अवसर पर रक्तदान शिविर आयोजित करना इसी सेवा-पथ का हिस्सा है। आज सद्‌गुरु माँ ज्ञान न केवल झारखंड बल्कि पूरे भारत में रक्तदान की प्रेरणास्त्रोत और ब्रांड एम्बेस्डर के रूप में उभर रही हैं।
लोगों से की अपील
ट्रस्ट ने जिलेवासियों और सभी समाजसेवियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर 27 अगस्त के रक्तदान महायज्ञ में शामिल हों और इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनें।

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