डीसी-एसपी पहुंचे नक्सल प्रभावित भेलवाघाटी, ग्रामीणों और छात्रों से किया संवाद

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डीसी-एसपी पहुंचे नक्सल प्रभावित भेलवाघाटी, ग्रामीणों और छात्रों से किया संवाद
मनरेगा जॉब कार्ड का किया वितरण, छात्रों को दी कैरमबोर्ड, बैट-बॉल, फुटबॉल व पुस्तकें
वंचितों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता : रामनिवास यादव
डीजे न्यूज, गिरिडीह : जिले के सुदूरवर्ती और नक्सल प्रभावित इलाकों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने और ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को देवरी प्रखंड अंतर्गत भेलवाघाटी में सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के स्वागत से हुई। इस दौरान उपायुक्त ने ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
इस अवसर पर उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों के बीच मनरेगा जॉब कार्ड का वितरण किया। साथ ही उत्क्रमित मध्य विद्यालय के बच्चों को पढ़ाई और खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कैरमबोर्ड, बैट-बॉल, फुटबॉल, पुस्तकें, कॉपी, पेन और पेंसिल जैसी सामग्री वितरित की गई। बच्चों से संवाद करते हुए उपायुक्त ने उन्हें पढ़ाई में मन लगाने और खेलकूद में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि
सामुदायिक पुलिसिंग केवल कार्यक्रम भर नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य स्थानीय समस्याओं का मिलकर समाधान करना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिसिंग में समस्या समाधान की प्रक्रिया को हर स्तर पर शामिल करना चाहिए, ताकि निर्णय लेने की प्रक्रिया जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप हो सके।
पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत होता है और नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्कूली बच्चे, शिक्षक और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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