

देवघर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना प्राथमिकता : नमन प्रियेश लकड़ा
जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर और सुदृढ़ करने के लिए करें काम : उपायुक्त
डीजे न्यूज, देवघर : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को दिन-प्रतिदिन बेहतर और सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने साफ कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है और इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए सभी अधिकारी सक्रियता से कार्य करें।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से माताओं और बच्चों के टीकाकरण अभियान को शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, एएनसी जांच, समय पर आयरन की गोली वितरण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, टीबी और वीएचएनडी कार्यक्रम की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश सिविल सर्जन को दिए। उपायुक्त ने कहा कि जहां संस्थागत डिलीवरी का प्रतिशत कम है, उन क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने ओपीडी व इमरजेंसी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ सरकार द्वारा संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुँचाने पर जोर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में बेसिक मेडिकल केयर हेतु चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को पहचानने और जरूरत के अनुसार नियुक्ति करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में पीएम-अभिम, सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और रक्त केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए इन संस्थानों की सेवाओं को और मजबूत करने पर बल दिया।
पीसी-पीएनडीटी एक्ट पर समीक्षा
उपायुक्त की अध्यक्षता में पीसी-पीएनडीटी एक्ट-1994 से संबंधित जिला सलाहकार समिति की बैठक भी हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीनी स्तर पर इस कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिशु लिंग अनुपात में कमी को रोका जा सके और महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जा सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, सिविल सर्जन, एसीएमओ, अस्पताल उपाधीक्षक, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, डीएमएफटी टीम, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, डीपीएम एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे।
