

उड़ीसा में सड़क हादसे में मृत समीर का शव पैतृक गांव पहुंचा, मातम
डीजे न्यूज, बिरनी (गिरिडीह) : उड़ीसा के बड़बिल में सड़क हादसे में घायल 22 वर्षीय हाइवा चालक समीर अंसारी की मौत हो गई। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे जब एम्बुलेंस से उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव बिरनी के खांखिपीपर, पडरियाटांड-मीनाबाजार पहुंचा, तो पूरे गांव में मातम पसर गया।

एम्बुलेंस से शव उतरते ही स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक की मां गुलशन खातून, पिता महाजन अंसारी, छोटा भाई शाहिद अंसारी और बहन मुस्कान खातून पार्थिव शरीर से लिपटकर दहाड़ें मारने लगे। यह हृदयविदारक दृश्य देख मौजूद ग्रामीण भी अपने आँसू रोक नहीं सके। शव को देखने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं और पुरुष उमड़ पड़े। समीर की मौत से पूरा गांव गमगीन हो गया। परिजन बार-बार यह कहकर बेसुध हो रहे थे कि “सिर्फ एक हफ्ता पहले ही बेटा रोज़ी-रोटी की तलाश में उड़ीसा गया था, आज 11 दिन बाद उसका शव घर लौटा है। बेटे ने कहा था कि घर आकर सब काम पूरा कराएगा, लेकिन किस्मत ने उसे छीन लिया।”
बताया गया कि 15 अगस्त की रात करीब 11 बजे उड़ीसा में हुए सड़क हादसे में समीर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे कटक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के क्रम में 17 अगस्त रविवार दोपहर को उसने अंतिम सांस ली। सोमवार को पोस्टमार्टम और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार सुबह शव गांव लाया गया।
पिता महाजन अंसारी खुद भी उड़ीसा में हाइवा चालक हैं और हादसे की सूचना मिलते ही तुरंत रवाना हो गए थे। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद समीर की जान नहीं बच सकी। मंगलवार को ही जनाजे की नमाज अदा कर मृतक को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान मुखिया सुनीता देवी, पूर्व पंसस सिराज अंसारी, भाजपा नेता नारायण पांडेय, झामुमो नेता इम्तियाज अंसारी, बबलू मंडल, सागीर अंसारी, आरिफ अंसारी, मजीद अंसारी, राजू अंसारी, यूनुस अंसारी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। नेताओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया।
