82 अधिकारी व कर्मचारी हुए रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित डीआरएम ने समर्पण और टीम भावना के साथ नए लक्ष्य प्राप्त करने पर दिया जोर

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82 अधिकारी व कर्मचारी हुए रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित

डीआरएम ने समर्पण और टीम भावना के साथ नए लक्ष्य प्राप्त करने पर दिया जोर

डीजे न्यूज, धनबाद: रेल प्रेक्षागृह, धनबाद में शुक्रवार को 70 वाँ रेल सप्ताह समारोह के उपलक्ष्य में रेल सेवा पुरस्कार 2025 का आयोजन किया गया। डीआरएम अखिलेश मिश्र एवं पूर्व मध्य रेल महिला कल्याण संगठन/ धनबाद मंडल की अध्यक्षा प्रिया मिश्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर रेल सप्ताह समारोह का शुभारम्भ किया। समारोह के दौरान डीआरएम ने मंडल के विभिन्न विभागों से 82 अधिकारी व कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।
डीआरएम ने बीते वर्ष की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल 1853 को मुंबई और ठाणे के बीच भारत की पहली रेल चली थी। आज भारतीय रेल देश की जीवनरेखा बनकर हर वर्ग के लोगों को सुरक्षित, सुलभ और विश्वसनीय सेवा प्रदान कर रही है।
भारतीय रेल निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है और देश के दूर-दराज क्षेत्रों को जोड़ते हुए विकास को नई दिशा दे रही है। इस यात्रा में धनबाद मंडल की भूमिका महत्वपूर्ण और सराहनीय रही है।
पिछले वित्तीय वर्ष में धनबाद मंडल ने 194.65 मिलियन टन लदान कर 23,756 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करते हुए पूरे भारतीय रेल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि हमारे अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के समर्पण, परिश्रम और टीम भावना का परिणाम है। साथ ही, लगभग 530 करोड़ रुपये की यात्री आय तथा लगभग 22 करोड़ रुपये की टिकट जांच आय भी प्राप्त हुई है।
ट्रेनों की गति बढ़ाने के उद्देश्य से  25 मार्च को महाप्रबंधक द्वारा मानपुर-धनबाद- प्रधानखंटा रेलखंड पर 180 किमी प्रति घंटे की गति से सफल ट्रायल किया गया। इससे यात्रा समय में कमी आएगी, यात्रियों को तेज एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा रेल परिचालन की दक्षता एवं विश्वसनीयता में भी वृद्धि होगी।
आधारभूत संरचना के विकास में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं- सिंदरी टाउन- सिंदरी मार्शलिंग यार्ड खंड का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण, कुमण्डीह-बेंदी एवं टोरी-बीराटोली खंडों में तीसरी लाइन का निर्माण, तथा ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग की शुरुआत- ये सभी हमारी प्रगति के सशक्त उदाहरण हैं।
सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में 219 लोकोमोटिव में “कवच” प्रणाली स्थापित की गई है तथा लेवल क्रॉसिंग को बंद कर LHS का निर्माण किया गया है, जिससे रेल परिचालन और अधिक सुरक्षित हुआ है।
यात्रियों की सुविधा के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं—गोमो एवं कोडरमा स्टेशनों पर लिफ्टों की स्थापना, नए प्रतीक्षालयों का निर्माण, आधुनिक सूचना प्रणाली की व्यवस्था तथा दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं का विस्तार- ये सभी प्रयास हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
कर्मचारी कल्याण के क्षेत्र में भी हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में 4480 पदोन्नतियाँ तथा 1022 कर्मचारियों को MACP के अंतर्गत लाभ प्रदान किया गया है। साथ ही, कर्मचारी कल्याण निधि के माध्यम से 111 बालिकाओं को साइकिल प्रदान करना एक सराहनीय पहल है।
उन्होंने कहा कि हमारी यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, परंतु हमारी यात्रा अभी जारी है। हमें इसी समर्पण और टीम भावना के साथ आगे बढ़ते हुए नए लक्ष्य प्राप्त करने हैं।
इस अवसर पर पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन, धनबाद मंडल की अन्य सम्मानित सदस्याएँ, मंडल के अधिकारीगण, कर्मचारीगण, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधिगण सहित अन्य अतिथि गणमान्य उपस्थित थे।

 

 

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