दंपती हत्याकांड के खुलासे में देरी से भड़का आदिवासी समाज 

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दंपती हत्याकांड के खुलासे में देरी से भड़का आदिवासी समाज 

 सात घंटे चली सामाजिक बैठक, हत्यारों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की धमकी 

डीजे न्यूज, पीरटांड़ (गिरिडीह): मधुबन थाना क्षेत्र की छछन्दों पंचायत स्थित तिरिलटांड़ गांव में छह दिन पूर्व हुए आदिवासी दंपती हत्याकांड के खुलासे में हो रही देरी को लेकर आदिवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पुलिस की जांच में अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिलने से गांव समाज ने भी अपने स्तर पर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

सोमवार को तिरिलटांड़ में आदिवासी परंपरागत पदधारकों के नेतृत्व में गांव समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न गांवों के मांझी हड़ाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र पहचान और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि घटना को एक सप्ताह होने को है, लेकिन अब तक पुलिस न तो हत्या के कारणों का पता लगा सकी है और न ही अपराधियों तक पहुंच पाई है। मामले के उद्भेदन में हो रही देरी पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और कहा कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि जांच में और विलंब हुआ तो गांव समाज अपने स्तर पर दोषियों की पहचान करने का प्रयास जारी रखेगा। हालांकि करीब सात घंटे तक चली बैठक के बाद भी किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी।

गौरतलब है कि गत मंगलवार की देर रात तिरिलटांड़ गांव में अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से हमला कर घर में सो रहे आदिवासी दंपति पतिया हांसदा और उनकी पत्नी परणी देवी की हत्या कर दी थी। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी हुई है, लेकिन अब तक न तो हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट हो सकी है और न ही अपराधियों का कोई सुराग मिल पाया है। इससे गांव समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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