जनगणना 2027 : डिजिटल भारत की ओर एक ऐतिहासिक कदम धनबाद में प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” कार्य का विस्तृत परिदृश्य प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग करें : उपायुक्त

Advertisements

जनगणना 2027 : डिजिटल भारत की ओर एक ऐतिहासिक कदम

धनबाद में प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” कार्य का विस्तृत परिदृश्य

प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग करें : उपायुक्त

डीजे न्यूज, धनबाद: भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 देश की सोलहवीं तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत आठवीं जनगणना है। लगभग पंद्रह वर्षों के अंतराल के पश्चात आयोजित यह जनगणना अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार इसे पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित किया जा रहा है। वर्तमान समय में पूरे झारखंड राज्य सहित धनबाद जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” का कार्य तीव्र गति से संचालित है।

इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए प्रधान जनगणना पदाधिकारी सह उपायुक्त  आदित्य रंजन ने बताया कि जनगणना कार्य के सफल संचालन हेतु जिला स्तर पर विस्तृत प्रशासनिक संरचना गठित की गई है।

उन्होंने बताया कि जिला जनगणना पदाधिकारी के रूप में अपर समाहर्ता तथा अपर जिला जनगणना पदाधिकारी के रूप में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी कार्यरत हैं। इनके अतिरिक्त उप जिला जनगणना पदाधिकारी भी अधिसूचित किए गए हैं।

जिला जनगणना कोषांग के माध्यम से इन सभी पदाधिकारियों द्वारा जनगणना कार्य की सतत निगरानी, अनुश्रवण एवं प्रबंधन किया जा रहा है। जिला स्तर से प्राप्त आंकड़ों की समीक्षा राज्य स्तर पर जनगणना कार्य निदेशालय, राँची द्वारा तथा राष्ट्रीय स्तर पर भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना कमिश्नर ऑफिसर (ORGI) द्वारा की जा रही है।

धनबाद जिले की चार्ज एवं एचएलबी संरचना

धनबाद जिले में कुल 11 चार्ज गठित किए गए हैं, जिनमें 10 ग्रामीण चार्ज व 1 शहरी चार्ज शामिल हैं। शहरी चार्ज के रूप में चिरकुंडा नगर परिषद अधिसूचित है जबकि शेष चार्ज मुख्यतः प्रखंड स्तर पर आधारित ग्रामीण चार्ज हैं।

यदि HLB अर्थात House Listing Block की दृष्टि से देखा जाए, तो बाघमारा चार्ज धनबाद जिले का सबसे बड़ा ग्रामीण चार्ज है जहाँ कुल 662 HLB हैं। सम्भवतः यह पूरे झारखंड राज्य का सबसे बड़ा ग्रामीण चार्ज भी है। दूसरी ओर चिरकुंडा नगर परिषद सबसे छोटा चार्ज है जहाँ कुल 78 HLB अधिसूचित हैं। धनबाद जिले में कुल 3011 HLB के अंतर्गत कार्य संचालित हो रहा है।

स्वतः गणना (Self Enumeration) की शुरुआत

जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत 1 मई  से स्वतः गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इसके तहत प्रत्येक परिवार को यह सुविधा प्रदान की गई कि परिवार का कोई एक सदस्य अपने मकान से संबंधित अधिसूचित 34 प्रश्नों का उत्तर डिजिटल माध्यम से स्वयं भर सके।

धनबाद जिले में अब तक कुल 7262 स्वतः गणना प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जो नागरिक सहभागिता का एक सकारात्मक संकेत है।

HLO App : डिजिटल जनगणना का आधार

वर्तमान जनगणना पूर्णतः डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा विकसित “House Listing Operation App” अर्थात HLO App का उपयोग किया जा रहा है। यह ऐप एंड्रॉइड एवं iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।

क्षेत्र में कार्यरत सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को यह ऐप अपने मोबाइल उपकरणों में इंस्टॉल कराकर डोर-टू-डोर सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इसी ऐप के माध्यम से मकानों से संबंधित अधिसूचित 34 प्रश्नों का डेटा संग्रहण किया जा रहा है।

धरातल स्तर पर जनगणना कार्य

धनबाद जिले में इस कार्य हेतु कुल 530 पर्यवेक्षक व 3178 प्रगणक को प्रशिक्षित कर क्षेत्रीय कार्य में लगाया गया है। इस प्रकार कुल 3708 जनगणना पदाधिकारी धरातल स्तर पर कार्यरत हैं।

भारत सरकार द्वारा इन जनगणना पदाधिकारियों के लिए मानदेय भी निर्धारित किया गया है।

HLB स्तर पर कार्य की प्रक्रिया

प्रत्येक HLB में एक प्रगणक एवं एक पर्यवेक्षक की टीम कार्य कर रही है। दिनांक 16 मई  से इन टीमों द्वारा क्षेत्र भ्रमण प्रारंभ किया गया।

निर्देशानुसार प्रारंभिक तीन दिनों में प्रत्येक टीम को अपने HLB का पूर्ण क्षेत्र भ्रमण करना था ताकि कोई भी मकान अथवा बसावट छूटने न पाए, क्षेत्र की सभी संरचनाओं की पहचान हो सके और शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जा सके।

इसके उपरांत प्रत्येक HLB का नजरिया नक्शा (Layout Map) तैयार किया गया जिसमें मकान, सड़क, रेलवे लाइन, नदी, तालाब, खेत, पर्वत, एवं अन्य स्थायी संरचनाओं का अंकन किया गया।

निर्देशानुसार कार्य उत्तर-पश्चिम दिशा से प्रारंभ कर दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर क्रमबद्ध रूप से किया जा रहा है।

भवन नंबरिंग एवं डेटा संग्रहण

नजरिया नक्शा तैयार होने के पश्चात प्रत्येक जनगणना भवन की नंबरिंग की जाती है। इसके बाद प्रगणक एवं पर्यवेक्षक डोर-टू-डोर जाकर HLO App के माध्यम से अधिसूचित 34 प्रश्नों के उत्तर संकलित करते हैं।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान अनुमानित जनगणना भवन एवं मकानों की संख्या भी पूर्व निर्धारित रूप से दर्ज की जाती है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार धनबाद जिले के सभी 11 चार्जों में कुल अनुमानित जनगणना मकानों की संख्या 4,24,926 दर्ज की गई है।

डेटा प्रवाह एवं CMMS Portal

प्रगणकों द्वारा संकलित आंकड़े HLO App के माध्यम से सिंक किए जाते हैं। यह डेटा पहले पर्यवेक्षक के पास पहुँचता है और परीक्षण उपरांत चार्ज ऑफिसर को प्रेषित किया जाता है।

चार्ज ऑफिसर Census Monitoring & Management System (CMMS) Portal के माध्यम से डेटा का प्रबंधन एवं अनुश्रवण करते हैं। इसी पोर्टल के माध्यम से जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना कार्य की सतत निगरानी की जा रही है।

प्रशिक्षण व्यवस्था एवं क्षमता निर्माण

जनगणना 2027 के सफल संचालन हेतु मार्च 2026 से प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ कर दिए गए थे।

प्रथम चरण में जिला स्तर पर प्रधान जनगणना पदाधिकारी, जिला जनगणना पदाधिकारी, चार्ज पदाधिकारी, तकनीकी सहायता कर्मी आदि का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

इसके उपरांत “Training of Trainers (ToT)” कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें ग्रामीण चार्जों हेतु 82 फुल ट्रेनर, धनबाद नगर निगम हेतु 46 फुल ट्रेनर को प्रशिक्षित किया गया। इन प्रशिक्षकों द्वारा आगे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण व्यवस्था हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में 81 बैच, जिला स्तर पर 5 बैच गठित किए गए। इस प्रकार कुल 86 बैचों में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हुआ।

सामाजिक एवं व्यवहारिक चुनौतियाँ

ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य के दौरान अनेक सामाजिक एवं व्यवहारिक चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। कई परिवार सरकारी लाभों की आशा में शौचालय, आवास अथवा अन्य सुविधाओं से संबंधित सही जानकारी देने से बचते हैं। उन्हें यह आशंका रहती है कि यदि वर्तमान सुविधाओं को छिपाया जाए तो भविष्य में पुनः सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकता है।

ऐसी परिस्थितियों में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल वास्तविक एवं सत्य आंकड़ों को ही दर्ज करें।

कुछ क्षेत्रों में अनौपचारिक स्तर पर ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहाँ ग्रामीणों द्वारा प्रश्नों का उत्तर देने में अनिच्छा व्यक्त की गई। यद्यपि इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है, तथापि स्थानीय प्रशासन एवं जनगणना पदाधिकारियों द्वारा संवाद एवं समन्वय के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

निष्कर्ष

वर्तमान में जनगणना 2027 का प्रथम चरण अत्यंत गतिशील अवस्था में है। निर्धारित अवधि 16 मई से 14 जून 2026 के मध्य कार्य तेजी से प्रगति पर है। धनबाद जिले में जिला प्रशासन, जनगणना कोषांग, चार्ज पदाधिकारी, पर्यवेक्षक एवं प्रगणकों के समन्वित प्रयासों से यह विशाल कार्य व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है।

डिजिटल तकनीक आधारित यह जनगणना भविष्य के भारत की प्रशासनिक, सामाजिक एवं आर्थिक नीतियों के निर्माण की आधारशिला सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही आने वाले वर्षों में विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण, आधारभूत संरचना निर्माण तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की दिशा निर्धारित करेंगे।

अतः प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करे ताकि राष्ट्र निर्माण की यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top