घुसपैठ से निपटने के लिए डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट की नीति पर काम कर रही भारत सरकार : अन्नपूर्णा देवी
भाजपा के प्रशिक्षण शिविर का समापन
डीजे न्यूज, गोविंदपुर, धनबाद : पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान धनबाद ग्रामीण जिला के शिविर में दूसरे दिन के प्रथम सत्र में पहुंची केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने देश के समक्ष चुनौतियां एवं उनके निदान के हमारे प्रयास पर विस्तार से कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अंत्योदय के आधार पर देश में काम कर रही है। देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है परंतु देश के अंदर एवं देश के बाहर देश विरोधी शक्तियां मां भारती के आंचल में कलंक लगाने का प्रयास कर रही है। मोदी सरकार का विकास का विजन कार्यकर्ताओं के मजबूत कवच से देश आगे बढ़ रहा है। आतंकवाद, घुसपैठ, नकली नोटों की तस्करी, मादक द्रव्यों की तस्करी, सीमा पर अतिक्रमण, हथियारों की तस्करी देश के समक्ष प्रमुख चुनौतियां हैं। भारत सरकार आतंकवाद के प्रति जीरो टोलरेंस, बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, सीमावर्ती अंतिम गांव को प्रथम गांव मान कर विकास, 100% बॉर्डर फेंसिंग के लक्ष्य सुनिश्चित,अर्धसैनिक बलों का सशक्तिकरण, विदेशी फंडिंग पर रोक, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट स्ट्राइक कर यह बताने का काम किया कि हम दुश्मन की धरती पर जाकर दुश्मन को खत्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि घुसपैठ से निपटने के लिए एसआईआर के माध्यम से डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट की नीति पर भारत सरकार काम कर रही है।
वही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रविंद्र राय ने भारतीय जनता पार्टी के इतिहास, विकास एवं अब तक की यात्रा के विषय में विस्तार से कार्यकर्ताओं को बताया। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक हिंदुओं के हितों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए आजाद भारत के प्रथम उद्योग मंत्री डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोग से भारतीय जनसंघ की स्थापना 21 अप्रैल 1951 को की, जिसका चुनाव चिन्ह दीपक था। प्रथम चुनाव में हमारे तीन सांसद जीते, 38 सांसदों के साथ नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट बनाकर डॉक्टर मुखर्जी नेता प्रतिपक्ष बने। कश्मीर में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान का विरोध करते हुए वह कश्मीर में प्रवेश कर गए। आजाद भारत में देश की एकता और अखंडता के लिए प्रथम बलिदान डॉ मुखर्जी का हुआ। भारतीय जनसंघ ने गोवा मुक्ति आंदोलन, नेहरू- नून समझौता का विरोध, बेरुबाड़ी आंदोलन, चीन द्वारा भारतीय जमीन का अतिक्रमण, तिब्बत मुक्ति आंदोलन, कच्छ समझौता का विरोध, शिमला समझौता का विरोध, आपातकाल के विरोध में हमारे कई नेता और कार्यकर्ता जेल गये।
प्रशिक्षण शिविर के समारोप सत्र को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित कर जनकल्याण के कार्य के लिए प्रेरित करती है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं से भिन्न हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो चुनाव से पार्टी प्रदेश में सत्ता से दूर है। झूठे वादों के आधार पर हेमंत सोरेन झारखंड में सत्ता में काबिज हैं। सत्ता के माध्यम से कोयला चोरी, बालू-पत्थर की तस्करी खुलेआम हो रही है। आम जनता पानी और बिजली के संकट से त्रस्त है। उन्होंने 2027 पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से ज्यादा से ज्यादा संख्या में चुनाव लड़ने और जीत सुनिश्चित कर जनता की सेवा करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन जिला अध्यक्ष मोहन कुंभकार ने दिया एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की गई। किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने वैचारिक अधिष्ठान एवं पार्टी की पांच निष्ठाओं पर प्रकाश डाला तो दिलीप वर्मा ने बूथ प्रबंधन के गुण सिखाए।
मौके पर पूर्व जिला अध्यक्ष सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ज्ञान रंजन सिन्हा, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, पूर्व विधायक अर्पण सेनगुप्ता, सिंदरी की पार्टी प्रत्याशी रहीं तारा देवी, प्रदेश कार्य समिति धर्मजीत सिंह, विकास महतो, जया कुमार, आशीष मुखर्जी, निताई रजवार, मधुरेंद्र गोस्वामी, दिनेश सिंह, विपिन दा, संजय महतो, मनोज मिश्रा, गोपाल पांडे,बृहस्पति पासवान, बलदेव महतो, धरणीधर मंडल, जगदीश रवानी, गीता बेसरा, शमिता सिंह, निशि महतो, वंदना बाउरी, प्रकाश बाउरी, अरविंद पाठक, वीरांची सिंह, दीपा दास, परेश दास, बलराम साव, नीलकंठ रवानी, रतन तिवारी, दीपक दास, केशव माजी, अमर साव, हरि कुमार, आस्तिक मंडल, गोपाल भारती, तालेश्वर साव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला के पदाधिकारी उपस्थित थे ।